बिलासपुर। सूचना के अधिकार के तहत सूचना मुहैया करवाने में जिला प्रशासन नाकाम रहा है। पूरी जानकारी होने के बाद भी प्रार्थी को यह कहकर भाखड़ा विस्थापितों के संबंध में जानकारी देने से मना कर दी गई कि यह सूचना कार्यालय में नहीं है। यही नहीं राज्य सूचना आयुक्त के आदेश के दो साल बाद भी सूचना मुहैया नहीं करवाई गई। अब प्रार्थी इस संबंध में फिर से राज्य सूचना आयुक्त के पास आदेश मनवाने के लिए अपील करेगा। प्रार्थी ने यह सूचना भाखड़ा विस्थापितों के पुनर्वास को लेकर मांगी थी।
प्रार्थी सुखराम निवासी थाना श्रीनयनादेवी ने बताया कि भाखड़ा बांध निर्माण के दौरान सैकड़ों परिवार विस्थापित हुए थे। लेकिन, पुनर्वास के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा सके हैं। इसको देखते हुए उन्होंने इस संबंध में 25 फरवरी 2016 को पीआईओ उपायुक्त कार्यालय से सूचना मांगी थी। इसके बाद उनके पत्र को जिला राजस्व अधिकारी और उपमंडल अधिकारी बिलासपुर जो भाखड़ा बांध भू अर्जन अधिकारी भी हैं को कार्रवाई के लिए भेजा था। जहां से उन्हें सूचना दी गई की मांगी गई जानकारी कार्यालय में उपलब्ध नहीं है।
इसके बाद उन्होंने इस संबंध में राज्य सूचना आयुक्त के पास मामले की अपील की थी। जहां सुनवाई होने के बाद फैसला प्रार्थी के हक में आया। जहां से 15 जनवरी 2018 को आदेश हुए कि पार्टी को निशुल्क सूचना मुहैया करवाई जाए। लेकिन राज्य सूचना आयुक्त के आदेशों के बाद भी इस संबंध में सूचना मुहैया नहीं करवाई गई। ऐसे में पार्टी ने बताया कि अब थक हार कर वह एक बार फिर से राज्य सूचना आयुक्त के पास अपील करेगा।
उपायुक्त बिलासपुर विवेक भाटिया ने कहा कि प्रार्थी को अभी तक सूचना क्यों नहीं दी गई, इस संबंध में छानबीन करेंगे। वहीं संबंधित अधिकारी से इसका कारण पूछा जाएगा।