बिलासपुर। जिले में विस चुनावों में भाजपा के वोट प्रतिशत में जबरदस्त इजाफा हुआ है। इस बार जिले में भाजपा को करीब 43 फीसदी वोट मिले हैं। जबकि कांग्रेस के पक्ष में करीब 34 फीसदी वोट ही पड़े हैं। हालांकि कई आजाद उम्मीदवार भी मैदान में थे। लेकिन वह कोई बड़ा उलटफेर नहीं कर पाए। हालांकि पिछले चुनावों के तुलना में इस बार भाजपा के वोट बैंक में जिला में करीब आठ से दस फीसदी का इजाफा हुआ है।
बिलासपुर सदर क्षेत्र में भाजपा को 40.84 फीसदी वोट मिले हैं। जबकि कांग्रेस को करीब 31.98 फीसदी वोट मिले हैं। इसके अलावा झंडूता विस क्षेत्र में भाजपा के खाते में 40.12 फीसदी वोट पड़े हैं। जबकि कांग्रेस को 33.26 फीसदी वोट के साथ ही संतोष करना पड़ा।
श्रीनयना देवी विस क्षेत्र में कांग्रेस को 41.95 फीसदी मत मिले। जबकि भाजपा को 39.95 फीसदी वोट के साथ संतोष करना पड़ा है। इसके अलावा घुमारवीं विस क्षेत्र में भाजपा को 42.77 फीसदी वोट मिले। जबकि कांग्रेस को यहां मात्र 29.96 प्रतिशत वोट के साथ करारी हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस प्रत्याशी को अपने करंगोड़ा बूथ से भी लीड नहीं मिल सकी। वहां भी भाजपा प्रत्याशी को 16 मतों की बढ़त मिली।
पिछले विस चुनावों में जिले में कांग्रेस का पलड़ा भारी रहा था। हालांकि यहां दो सीटों पर कांग्रेस और दो पर भाजपा के उम्मीदवार विजयी रहे थे। लेकिन, इस बार भाजपा के वोट बैंक में करीब 10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। पार्टी को सबसे अधिक लाभ घुमारवीं, सदर और झंडूता में हुआ है।
जिले में विस चुनावों में 76.83 फीसदी मतदाताओं में अपने वोट का प्रयोग किया। जिले में वर्तमान में चुनाव आयोग के पास 2,96,541 मतदाता पंजीकृत हैं। इस विधानसभा चुनाव में 2,28,746 मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया है।