अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। 2010 में कमीशन पास कर नियुक्त हुए करीब 34 वाणिज्य प्रवक्ताओं को सरकार ने अभी तक नियमित नहीं किया, जिस कारण उक्त प्रवक्ताओं में सरकार के प्रति गहरा रोष है। वहीं इनका भविष्य भी अंधकार में है।
हिमाचल स्कूल प्रवक्ता संघ जिला बिलासपुर के प्रधान नरेश ठाकुर, वरिष्ठ उपप्रधान भूपेंद्र ठाकुर, महासचिव जगदीश कौंडल, सतीश शर्मा, बलदेव शर्मा, दीपक, अश्वनी, राजेंद्र गौतम ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहाकि 2010 में कमीशन पास करने के बाद नियुक्त हुए लगभग 34 वाणिज्य प्रवक्ताओं को सरकार ने अभी तक नियमित नहीं किया है। एक तरफ सरकार के इस कदम से इन प्रवक्ताओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है, वहीं दूसरी तरफ सरकार का यह कदम चयन कमीशन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है।
इन प्रवक्ताओं का कहना है कि 2010 में जब इनकी नियुक्ति अनुबंध पर की गई थी, तब बीएड की कोई शर्त नहीं थी लेकिन 2016 में सरकार ने इनके नियमितीकरण के समय बीएड की शर्त लगा दी। दिलचस्प बात ये है कि सरकार ने बीएड की शर्त ऐसे समय लगाई, जब एनसीटीई बीएड की शर्तों को 2014 में बदल चूका है।
कहा कि बीएड की शर्त इनपर नहीं लगाई जा सकती है। इन प्रवक्ताओं को अनुबंध पर कार्य करते हुए आठ वर्ष से भी ज्यादा का समय हो चुका है और कई बार ये अपनी मांग को सरकार और शिक्षा सचिव के पास रख चुके हैं लेकिन आश्वासन ही प्राप्त हुआ। सरकार का यह रवैया इन प्रवक्ताओं के साथ सरासर अन्याय और धोखे के सामान है। संघ ने उक्त शिक्षकों को जल्द नियमित करने की मांग की है।
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