बरमाणा (बिलासपुर)। बरमाणा में ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। बीडीटीएस में कार्यरत करीब 5500 ट्रकों के पहिये चौथे दिन भी थमे रहे। हालांकि चौथे दिन बैठक का भी आयोजन किया गया। इसमें एसीसी प्रबंधन वर्ग के पदाधिकारियों ने भाग लिया। लेकिन, कार्यकारिणी द्वारा रखी गई पहली ही मांग पर सहमति नहीं बनी। जिस पर सभी ऑपरेटरों ने बैठक को स्थगित कर दिया।
सहकारी सभा बीडीटीएस व भूतपूर्व सैनिक ट्रक यूनियन के सदस्यों ने पुकार हाल से लेकर मुख्य चौक एसीसी फैक्ट्री के बाहर शांतिपूर्वक मांगों और समस्याओं को लेकर नारेबाजी की।
ऑपरेटरों द्वारा अपना एक मांगपत्र भी तैयार किया गया है। कहा है कि गाड़ियों की समय पर अनलोडिंग नहीं हो रही है। भूतपूर्व सैनिकों को 50 लाख रुपये काटी गई राशि तुरंत वापस दी जाए। वापसी रेट अनुबंध के आधार पर देने और किराया ट्रक मालिक के खाते में साप्ताहिक डालने की मांग की। डंप पर पार्किंग व शौचालय व्यवस्था की जाए। 0.63 प्रतिशत राशि किराये की कटौती को किराए में ही जोड़ने की मांग की। बैठक में उपस्थित एसीसी प्रबंधन के अधिकारियों ने असमर्थता जाहिर करते हुए कहा कि इस पर टॉप मैनेजमेंट ही फैसला ले सकती है।
बरमाणा में ट्रकों के पहिये जाम होने के कारण प्रतिदिन 10 से 12 हजार मीट्रिक टन सीमेंट बाहरी राज्यों व हिमाचल के कई स्थानों पर पहुंचना बंद हो गया है। इस कारण लाखों रुपये की आर्थिक हानि ट्रक ऑपरेटरों को माल भाड़े के रूप में हो रही है। एसीसी फैक्ट्री को भी लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। सरकार को भी लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।