स्वारघाट (बिलासपुर)।
राजकीय प्राथमिक पाठशाला पंगा के शिक्षक को दूसरे स्कूल में डेपुटेशन पर भेजने को लेकर एसएमसी और बच्चों के परिजनों ने मोर्चा खोल दिया है। अभिभावकों ने साफ किया कि चार दिन के भीतर शिक्षक का डेपुटेशन रद्द नहीं किया गया तो वह अपने बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला करवा देंगे।
स्कूल प्रबंधन कमेटी पंगा के अध्यक्ष मदन लाल और सदस्य में पूनम, कमलेश, हिमा देवी, सोना, सुनीता, रोशनी देवी, अंजू देवी, विनोद ठाकुर, बुद्धि सिंह, विजय राम, किशोरी लाल, शशि पाल, सतीश कुमार और गोरखी राम ने बताया कि शिक्षा विभाग ने 6 महीने पहले सितंबर से पंगा स्कूल के एक शिक्षक का डेपुटेशन पर दूसरे स्कूल कुटेहला के लिए कर दिया है।
इस कारण पिछले 6 माह से अब स्थानीय स्कूल पंगा में पांच कक्षाओं को पढ़ाने की जिम्मेदारी मात्र एक अध्यापक को निभानी पड़ रही है। इसके अलावा स्कूल के इसी शिक्षक को मीड-डे मील, सर्व शिक्षा अभियान का काम और सरकारी डाक का काम भी करना पड़ता है। बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि पंगा स्कूल के शिक्षक को दूसरे स्कूल कुटेहला में डेपुटेशन पर भेजने के कारण उनके बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है।
उल्लेखनीय है कि जिस स्कूल कुटेहला के लिए शिक्षा महकमे ने पंगा से शिक्षक को डेपुटेशन पर भेजा है। उस कुटेहला स्कूल में पहले से ही दो अध्यापक कार्यरत हैं। कुटेहला के एक शिक्षक को दूरदराज के स्कूल किकरवाली भेज दिया गया है।
जबकि किकरवाली स्कूल में डेपुटेशन के लिए साथ लगती केंद्र पाठशाला बैहल से शिक्षक भेजा जाना चाहिए था। स्कूल प्रबंधन कमेटी का कहना है कि शिक्षा विभाग को शिक्षकों के डेपुटेशन को तुरंत रद्द करके वापस उन्हीं स्कूलों में भेजा जाना चाहिए जिन स्कूलों के लिए इनकी नियुक्ति हुई है। पंगा के स्थानीय लोगों औ बच्चों के अविभावकों का कहना है कि चार दिन बाद नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो रही है।
अगर प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए शिक्षकों को वापस नहीं भेजा गया तो लोग अपने बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिल कराने को मजबूर हो जाएंगे। स्वारघाट के प्राथमिक खंड शिक्षा अधिकारी हरिराम डांगी का कहना है कि उन्होंने दोनों शिक्षकों के डेपुटेशन रद्द करके उन्हें वापस स्कूलों में भेजे जाने के आदेश दिया जाएगा। ताकि इन स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो।