अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर।
सदर थाना के तहत आने वाले गांव चरणमोड़ (चिल्ला) दयोथ की विवाहिता ने शनिवार देर रात फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। रात को ही महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए शव गृह बिलासपुर लाया गया था। रविवार को महिला के शव का पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं, दूसरी ओर विवाहिता के परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि उसकी हत्या हुई है। बहरहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक मृतक महिला वीना (28) पत्नी कृष्ण लाल के पिता रत्नलाल ने बताया कि देर रात को उन्हें दामाद का फोन आया कि उनकी बेटी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। इस पर वे बेटी के ससुराल पहुंचे। बताया जा रहा है कि विवाहिता ने रसोईघर में फंदा लगाकर अपनी जान दी है। पिता का कहना है कि उनकी बेटी की शादी को दस साल हो गए हैं। आरोप लगाया कि उनकी बेटी को उसके ससुराल वाले अक्सर दहेज के लिए प्रताड़ित करते रहते थे। कई बार वहां पर प्रधान और पंचायत प्रतिनिधि भी गए, जिन्होंने कई बार मामले को शांत करवाया लेकिन उसके बावजूद वे अक्सर उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करते रहते थे। वहीं, विवाहिता के बड़े भाई महेंद्र कुमार और छोटे भाई किशोरी लाल का कहना है कि दस मई को उनके पिता भी वहां पर गए थे। उस दौरान उनकी बहन काफी परेशान थी। वहीं, विवाहिता के चाचा कालूराम का कहना है कि जहां पर उनकी बेटी ने फंदा लगाया है, वहां लगता ही नहीं कि उसने फंदा लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उसकी हत्या की गई है, जिसकी जांच होनी चाहिए।
वहीं, एसपी बिलासपुर अशोक कुमार का कहना है कि पुलिस ने विवाहिता के परिजनों के बयान पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक महिला का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।
डेढ़ साल पहले भी खाया था जहर
मृतक विवाहिता की माता सुनीता देवी और ताई बंती देवी का कहना है कि करीब डेढ़ साल पहले भी उनकी बेटी ने ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर जहर खाया था। उस समय भी उसे जिला अस्पताल लाया गया था। पुलिस में मामला दर्ज है, जबकि मामले की शिकायत महिला आयोग में भी की गई है लेकिन अभी तक उस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।