बरमाणा (बिलासपुर)। एसीसी माइनिंग एरिया का अधिग्रहण करने व एडीएम बिलासपुर द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट को लागू करवाने के लिए जिला प्रशासन, एसीसी अधिकारियों व विस्थापितों की बैठक बेनतीजा रही है। बैठक में विस्थापितों को केवल आश्वासन ही मिला है कि उनकी मांगों को पूरा किया जाएगा व रिपोर्ट को लागू करवाने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। विस्थापितों ने भी दोटूक कहा है कि वह केवल दस दिन का इंतजार करेंगे, उसके बाद उनका विरोध प्रदर्शन शुरू हो जाएगा।
एसीसी माइनिंग विस्थापित एवं प्रभावित सभा के अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा का कहना है कि धोनकोठी, कुनणू, पंजगाई, बलोह, जमथल गांव का बरयाही के लोग दशहत में हैं। इन गांवों के आसपास एसीसी का माइनिंग एरिया है। दिन-रात हो रही ब्लास्टिंग से गांव के लोग दशहत में जीने को विवश हैं। भगत सिंह ने बताया कि बैठक में प्रशासन भी यह मान चुका है कि यहां के लोगों का जीवन दूभर हो चुका है। अवैज्ञानिक तरीके से हो रही ब्लास्टिंग से लोग खतरे में अपना जीवन यापन कर रहे हैं। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने बताया कि इसके बावजूद एसीसी प्रबंधक इन गांवों की जमीन को अधिग्रहण करने में आनाकानी कर रहा है। वह सीधे तौर पर मुआवजा देने को तैयार नहीं है। वहीं भगत सिंह वर्मा ने बताया कि अगर दस दिनों के भीतर प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठाता है तो वह एनजीटी या हाईकोर्ट जाएंगे। जरूरत पड़ने पर एसीसी का माइनिंग कार्य भी पूरी तरह से रोक देंगे। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर विवेक भाटिया ने की थी। जिसमें पूरा प्रशासनिक अमला व विस्थापित तथा एसीसी के अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में एसीसी माइनिंग प्रभावित एवं विस्थापित सभा के अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा, सभा के पवन सांख्यान, सुनील गौतम, रमेश ठाकुर, रामदास, श्यामलाल गौतम, शिव कुमार, कालीदास सहित अन्य उपस्थित थे। प्रशासन की ओर से एसपी, एसडीएम, तहसीलदार, माइनिंग अधिकारी सहित एसीसी कंपनी प्रबंधक भी मौजूद रहे।