फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाखड़ा विस्थापित करेंगे हितों की रक्षा करने वाले का समर्थन

विज्ञापन
- फोटो : SELF
विज्ञापन
घुमारवीं (बिलासपुर)। बिलासपुर के भाखड़ा विस्थापितों ने विधानसभा चुनावों में उसी राजनीतिक दल को समर्थन देने का निर्णय लिया है, जो उनके हितों की रक्षा करेगा। भाखड़ा विस्थापितों का कहना है कि 56 वर्ष बीत जाने के बाद भी भाखड़ा विस्थापित परिवारों का पुनर्वास नहीं हो पाया है। उन्हें आज भी विभिन्न परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। उन्हें आज भी विस्थापन का दंश सता रहा है।
विज्ञापन


भाखड़ा विस्थापित एवं ग्राम पंचायत औहर के पूर्व प्रधान देसराज शर्मा सहित अन्य विस्थापितों ने कहा कि भाखड़ा बांध बनने के समय जो अनुबंध हुआ था। इसके अनुसार भाखड़ा से सलापड़ तक गोबिंद सागर झील पर लगभग 11 पुलों का निर्माण, बिजली, पानी उपलब्ध करवाने, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने का वायदा किया गया था। लेकिन, 56 वर्ष बीत जाने के बाद भी सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। उन्हें विभिन्न प्रकार की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। भाखड़ा से लेकर सलापड़ तक एक भी पुल नहीं बन पाया है। जिले में सर्वाधिक भाखड़ा विस्थापित परिवार झंडूत्ता विस चुनाव क्षेत्र में हैं। दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में बसे विस्थापितों को आज दिन तक सड़क व स्वास्थ्य सुविधाओं से महरूम होना पड़ रहा है। किसी भी चुने हुए जनप्रतिनिधि ने क्षेत्र के विकास के लिए न तो कोई कदम उठाया और न ही इस बारे में सोचा, न ही आवाज उठाई। भाखड़ा विस्थापितों को आश्वासनों के सिवाय कुछ नहीं मिला है। अब क्षेत्र में फोरलेन विस्थापन की समस्याएं पैदा हो गई है। उनकी सुध भी कोई नहीं लेे रहा है। अब क्षेत्र के लोग अन्याय सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों में उसी राजनीतिक दल को समर्थन देंगे जो उनकी मांगों को पूरा करने का वायदा करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें