घुमारवीं में आयोजित सम्मान समारोह में टीबी मुक्त पंचायतें के प्रतिनिधि चिकित्सा अधिकारी के साथ।
- फोटो : संवाद
विकास खंड घुमारवीं की 11 पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत बनने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य करने पर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ अनुपम शर्मा की ओर से पंचायत प्रतिनिधियों को उनकी उपलब्धि के लिए पदक प्रदान किए गए। पंचायतों की ओर से टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी इसी तरह कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। टीबी मुक्त पंचायत अभियान के तहत विकास खंड घुमारवीं की 11 पंचायतों ने निर्धारित मापदंडों को पूरा करते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।
इनमें लंझता और गतवाड़ पंचायतों ने लगातार तीन बार टीबी मुक्त पंचायत बनने की उपलब्धि हासिल की। दोनों पंचायतों को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए गोल्ड मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं कसारू व कोट पंचायत को लगातार दो बार टीबी मुक्त रहने पर सिल्वर मेडल प्रदान किया गया। इसके अलावा गाहर, बरोटा, तल्याणा, पटेर, बाड़ी मझेड़वां, हवाण तथा पट्टा पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत बनने पर ब्रॉन्ज मेडल देकर सम्मानित किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार टीबी मुक्त पंचायत का दर्जा हासिल करना पंचायत स्तर पर किए गए सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
इसके लिए संभावित टीबी मरीजों की पहचान, समय पर जांच, उपचार शुरू करवाने और उपचार के दौरान मरीजों की निगरानी जैसे कार्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पंचायत प्रतिनिधियों, आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से इन पंचायतों ने टीबी उन्मूलन की दिशा में बेहतर कार्य किया है। चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं ने सम्मानित पंचायतों को बधाई देते हुए कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई में पंचायतों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ संभावित मरीजों की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने अन्य पंचायतों से भी इन पंचायतों से प्रेरणा लेकर टीबी मुक्त पंचायत बनने की दिशा में प्रभावी प्रयास करने का आह्वान किया।