यह मामला सुरेश कुमार पुत्र प्रेम सिंह, निवासी चलेली, डाकघर नोआ, तहसील सदर व जिला बिलासपुर की शिकायत पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत दर्ज किया गया है। शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता वन विभाग का ठेकेदार है और वर्तमान में जिला बिलासपुर के सदर ब्लॉक क्षेत्र में खैर के पेड़ों की कटान का ठेका उसके पास है। नियमों के अनुसार खैर के पेड़ों की कटान से पूर्व संबंधित बीट अधिकारी द्वारा उनकी मार्किंग किया जाना अनिवार्य होता है। आरोप है कि इस कार्य के बदले आरोपी बीट अधिकारी समीर मोहम्मद ने शिकायतकर्ता से तीन लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायत में बताया गया है कि बाद में बातचीत के बाद यह सौदा एक लाख रुपये में तय हुआ। तय राशि की पहली किश्त के रूप में सोमवार को अभियुक्त ने शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये गूगल पे के माध्यम से अपने बैंक खाते में प्राप्त किए।
डिजिटल लेन-देन की पुष्टि होने के बाद राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी बीट अधिकारी समीर मोहम्मद को हिरासत में ले लिया। मामले में आगे की जांच जारी है और लेन-देन से संबंधित साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्य के बदले रिश्वत लेने के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जाएगी।