आरोपी तीसरी से आठवीं कक्षा तक बीसीएस में ही पढ़ा है और संपन्न परिवार से है, लेकिन कारोबार में भारी नुकसान के बाद उसने अपराध का रास्ता चुना। आरोपी जानता था कि राखी के दिन अधिकांश छात्र टाउन आउटिंग लीव पर जाते हैं। इसी वजह से वह सुबह 5:45 बजे स्कूल गेट के पास पहुंच गया। दोपहर 12:12 बजे जैसे ही तीनों छात्र खलीनी की ओर निकले, सुमित ने खुद को स्कूल का पुराना छात्र बताते हुए कहा कि वह उन्हें ऑकलैंड टनल के पास छोड़ देगा, जहां से तीनों आसानी से मालरोड पहुंच सकते हैं। बच्चे झांसे में आकर गाड़ी में बैठ गए। इसके बाद वह टॉलैंड, छोटा शिमला और संजौली बाईपास होते हुए ढली पहुंचा।
बच्चों ने गलत दिशा में जाने पर विरोध किया तो आरोपी ने बताया कि तुम किडनैप हो गए हो। एक बच्चे ने कहा, क्या आप हमारे साथ प्रैंक कर रहे हो। कुफरी में आरोपी ने गाड़ी साइड में लगाकर बच्चों को रिवॉल्वर दिखाई, जिससे तीनों डर गए। आरोपी ने तीनों बच्चों को एक दूसरे की आंखों पर टेप लगाने को कहा। डर कर तीनों ने टेप लगा दी। इसके बाद वह बच्चों को ठियोग से कोटखाई के कोकुनाला स्थित अपने घर ले गया। साढ़े तीन बजे यहां पहुंचने के बाद बच्चों के कपड़े बदलवाकर उन्हें स्वैटर पहनाए और कहा कि तुम अभी सोलन में हो। फ्रिज से पिज्जा निकाल कर उन्हें खाने को दिया और अभिभावकों के नंबर मांगे।