कई स्थानों पर टनल से होकर यातायात पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। ऐसे में फिलहाल वाहन चालकों को पूरा टोल शुल्क नहीं देना होगा। दोनों टोल के लिए अभी तक शुल्क का निर्धारण नहीं हो पाया है। दोनों टोल प्लाजा शुरू होने के बाद मनाली-कुल्लू की ओर जाने वाले पर्यटक वाहनों और स्थानीय वाहन चालकों के लिए सफर महंगा हो जाएगा। उधर, एनएचएआई पीआईयू मंडी के परियोजना निदेशक वरूण चारी ने बताया कि दोनों टोल प्लाजा को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया की जा रही है।
टनल व पुलों से सफर, इसीलिए अधिक है टोल शुल्क
कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर स्थापित टोल प्लाजा में शुल्क दूसरे राज्यों के मुकाबले काफी अधिक है। एनएचएआई का तर्क है कि फोरलेन पर टोल शुल्क निर्धारित करने में सड़क की लंबाई के साथ टनल, पुल और अन्य निर्मित हिस्सों को भी आधार बनाया जाता है। टनल व पुल का एक किलोमीटर टोल शुल्क सामान्य सड़क के 10 किलोमीटर लंबाई के बराबर रहता है। यही वजह है कि शुल्क अन्य टोल के बजाए यहां अधिक है। हालांकि तीन हजार रुपये सालाना रिचार्ज पर 200 ट्रिप इन टोल में लागू है।
यह है टोल शुल्क
टकोली टोल प्लाजा पर पिछली बार एलएमवी (हल्के मोटर वाहन) के लिए सिंगल यात्रा का शुल्क 105 रुपये और डबल यात्रा का शुल्क 160 रुपये था। वहीं डोहलूनाला टोल प्लाजा पर एलएमवी के लिए सिंगल यात्रा का शुल्क 80 रुपये और डबल यात्रा का शुल्क 120 रुपये था। दोनों टोल प्लाजा फिलहाल बंद हैं और इन्हें दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। मौड़ा टोल प्लाजा पर हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) के लिए एक तरफ का टोल 185 रुपये और दोनों तरफ का 280 रुपये है। वहीं, बलोह टोल प्लाजा पर एलएमवी के लिए सिंगल यात्रा का शुल्क 120 रुपये और दोनों तरफ की यात्रा का शुल्क 175 रुपये निर्धारित है। यह दोनों टोल प्लाजा मौजूदा समय में चालू है।