शव को खड्ड में दफन कर दिया
इसके बाद शव को खड्ड में दफन कर दिया। युवती के घर से लापता होने पर परिजनों ने पुलिस में शिकायत दी। युवती का फोन भी गायब था। कुछ दिनों बाद क्षेत्र में युवकों को क्रिकेट खेलते वक्त युवती का मोबाइल कवर मिला। पुलिस को इस बारे में सूचित किया गया और परिजनों की आशंका पर आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया गया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने गुनाह कबूल किया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने युवती का कंकाल खड्ड से बरामद किया। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए अतिरिक्त लोक अभियोजक अजय ठाकुर ने की। अदालत ने अभिषेक को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 201 के तहत दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।
आरोपी ने यूट्यूब पर गर्भपात की खोजी थी जानकारी
जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के मोबाइल से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले। आरोपी ने घटना से पहले गूगल और यूट्यूब पर गर्भपात तथा साक्ष्य मिटाने के तरीकों से संबंधित जानकारी खोजी थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर खड्ड से कंकाल बरामद किया। मृतका की पहचान की पुष्टि के लिए फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला जुन्गा में डीएनए परीक्षण कराया गया। जांच में बरामद खोपड़ी और दांतों का डीएनए मृतका के माता-पिता के डीएनए से मेल खा गया।