मंथन में भविष्य के एमएसएमई के साथ मौजूदा दौर में पेश आने वाली चुनौतियों पर चर्चा होगी। उद्योगों के विशेषज्ञ और अधिकारी इन चुनौतियों से निपटने के रास्ते भी बताएंगे। विभिन्न सत्रों के माध्यम से सरकारी नीतियों और उनके लाभों पर भी चर्चा होगी। रोजगार सृजन, उत्पादन और निर्यात बढ़ाने में अहम भूमिका निभाने वाले एमएसएमई के इस कॉन्क्लेव में तीन सत्रों में होगा। इसमें फार्मा, पैकेजिंग, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे अलग-अलग सेक्टर उद्यमी एमएसएमई की चुनौतियों और संभावनाओं पर अपनी बात रखेंगे।
पहले सत्र में कल के एमएसएमई विषय पर सामूहिक चर्चा होगी। पैनल में लघु उद्योग भारती बद्दी के प्रदेशाध्यक्ष अखिल मोहन अग्रवाल, लघु उद्योग संघ बद्दी के अशोक राणा और गत्ता उद्योग संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष हेमराज चौधरी शामिल होंगे। दूसरा सत्र स्थानीय चुनौतियों और अवसर विषय पर होगा। इसमें प्रिंटर्स एसोसिएशन बद्दी के अध्यक्ष सुरेंद्र जैन, परवाणू उद्योग संघ के महासचिव सार्थक जैन और फार्मा उद्योग संघ के संजय शर्मा वक्ता के रूप में शामिल होंगे। तीसरे सत्र में उद्योग विभाग के अतिरिक्त निदेशक तिलक राज शर्मा, सहायक निदेशक एमएसएमई पार्थ अशोक और बिरला टेक्सटाइल के कार्यकारी अध्यक्ष रोहित अरोड़ा उद्यमियों के मसलों पर बात करेंगे। उद्योग विभाग के ये अधिकारी एमएसएमई प्रतिनिधियों के सवालों का जवाब भी देंगे। इसके बाद मुख्यातिथि उद्योग-श्रम एवं रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान उद्यमियों का मार्गदर्शन करेंगे।
इन श्रेणियों में दिए जाएंगे पुरस्कार
- उत्पादन उत्कृष्टता
- नवाचार, अनुसंधान एवं डिजिटल परिवर्तन
- गुणवत्ता एवं सतत विकास
- सेवा एवं ग्राहक प्रभाव
- अपव्यय पर विजय
- निर्यात एवं वैश्विक पहुंच
- महिला उद्यमी सम्मान (एमएसएमई)
- उभरता स्टार्टअप (एमएसएमई)
- पारंपरिक एवं सांस्कृतिक उद्यम
- उद्यमिता एवं कौशल विकास
- सामाजिक प्रभाव, ईवी/सौर/ नवीकरणीय ऊर्जा
- रोजगार सृजन
(इन पुरस्कारों के लिए एमएसएमई फॉर भारत की अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। बीस सितंबर को कॉन्क्लेव के आयोजन स्थल सोलन के होटल पाइनग्रोव में भी फार्म भरे जा सकेंगे।)