इससे न केवल सरकारी संपत्ति की सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि स्कूलों का शैक्षणिक वातावरण भी प्रभावित होने की आशंका बढ़ रही है। शिक्षा निदेशक ने कहा कि विद्यालय शिक्षा और संस्कार के केंद्र हैं, इसलिए उन्हें राजनीतिक प्रचार या अन्य अनधिकृत गतिविधियों से दूर रखा जाना आवश्यक है। स्कूल प्रमुखों से कहा है कि वे अपने संस्थानों में स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखें तथा किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रचार सामग्री लगाने की अनुमति न दें। यदि किसी विद्यालय परिसर में पहले से इस प्रकार के पोस्टर या बैनर लगे हों तो उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने के लिए भी कहा गया है। नगर निकाय चुनावों के बीच जारी इस आदेश को आदर्श आचार संहिता से भी जोड़कर देखा जा रहा है।