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Shimla: फीस वृद्धि के विरोध में कुलपति दफ्तर के बाहर रात को भी भूख हड़ताल पर बैठे रहे एबीवीपी कार्यकर्ता

Mon, 03 Aug 2026 09:23 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।

सार

संगठन ने विश्वविद्यालय परिसर में सैकड़ों छात्रों के साथ आक्रोश रैली निकालने के बाद कुलपति महावीर सिंह के कार्यालय के बाहर क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी। 
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कुलपति दफ्तर के बाहर रात को भी भूख हड़ताल पर बैठे रहे एबीवीपी कार्यकर्ता। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में फीस वृद्धि के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने सोमवार से आंदोलन तेज कर दिया है। संगठन ने विश्वविद्यालय परिसर में सैकड़ों छात्रों के साथ आक्रोश रैली निकालने के बाद कुलपति महावीर सिंह के कार्यालय के बाहर क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी। पहले दिन एबीवीपी के इकाई सचिव सुशील और अभिषेक अनशन पर बैठे। एबीवीपी ने विवि प्रशासन द्वारा विभिन्न शुल्कों में की गई बढ़ोतरी को छात्र विरोधी फैसला बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। संगठन का कहना है कि फीस वृद्धि का सीधा असर आर्थिक रूप से कमजोर, ग्रामीण क्षेत्रों और मध्यमवर्गीय परिवारों से आने वाले छात्रों पर पड़ेगा।

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एबीवीपी ने कहा कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले अधिकांश छात्र सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद उच्च शिक्षा हासिल करने का प्रयास करते हैं, ऐसे में अतिरिक्त शुल्क उनके लिए बड़ी चुनौती बनेगा। एबीवीपी इकाई अध्यक्ष अक्षय ठाकुर ने कहा कि शिक्षा को व्यापारिक व्यवस्था में नहीं बदला जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में हॉस्टल, लाइब्रेरी और परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है लेकिन इसके बावजूद फीस बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया। संगठन ने प्रशासन से बढ़ी हुई फीस को तुरंत वापस लेने की मांग की है। एबीवीपी ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं तब तक क्रमिक भूख हड़ताल जारी रहेगी। संगठन के अनुसार आने वाले दिनों में अन्य कार्यकर्ता भी बारी-बारी से अनशन में शामिल होंगे। एबीवीपी ने छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग भी उठाई है। संगठन का कहना है कि विश्वविद्यालय की नीतियों में छात्रों की भागीदारी जरूरी है और छात्र प्रतिनिधित्व नहीं होने से छात्र हितों से जुड़े मुद्दे प्रभावी तरीके से सामने नहीं आ पाते।
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