चीन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निर्वासित तिब्बती समुदाय के लोग।
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तिब्बती राष्ट्र विद्रोह की 66वीं वर्षगांठ पर सोमवार को निर्वासित तिब्बती सड़कों पर उतरे। निर्वासित तिब्बतियों ने मैक्लोडगंज से धर्मशाला तक जनआक्रोश रैली निकालकर चीन के खिलाफ नारेबाजी की। निर्वासित तिब्बतियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से चीन सरकार की ओर से तिब्बत में तिब्बतियों पर किए जा रहे अत्याचारों को बंद करने के लिए चीन पर दबाव बनाने की अपील भी की।
रैली में तिब्बत समाज के हर वर्ग सहित विदेशियों ने भी भागीदारी सुनिश्चित की। तिब्बतियन यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तेंजिन छुंडू ने कहा कि हम लंबे समय से तिब्बत की आजादी का सपना देख रहे हैं, जो कि जल्द पूरा होने वाला है। तिब्बतियन वूमेन एसोसिएशन की अध्यक्ष छेरिंग डोलमा ने कहा कि तिब्बत राष्ट्र विद्रोह की वर्षगांठ पर हम तिब्बतियों के बलिदान को याद करते हैं। तिब्बती सांसद डोलकर ने कहा कि विश्व भर में तिब्बती भले ही अच्छे से रह रहे हैं, लेकिन तिब्बत में तिब्बतियों की स्थिति काफी दयनीय है, जिसे न हम भूले हैं और न भूलेंगे। चीनी राष्ट्रपति पर कोई भी विश्वास नहीं कर सकता।