आगे की कार्रवाई पर चर्चा की जाएगी
इस दौरान प्रदेश के सड़क निर्माण प्रस्तावों, वित्तीय स्वीकृति और योजना के तहत आगे की कार्रवाई पर चर्चा की जाएगी। राज्य सरकार का प्रयास है कि केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद सड़कों के निर्माण का काम तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियां सड़क निर्माण के लिहाज से चुनौतीपूर्ण हैं। कई गांव पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां सड़क सुविधा पहुंचाना आसान नहीं है। ऐसे में पीएमजीएसवाई-4 के दूसरे चरण से ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने और लोगों की आवाजाही सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। सड़कों के निर्माण से किसानों और बागवानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी। आपातकालीन सेवाओं की पहुंच बेहतर बनाने में भी सड़क नेटवर्क की अहम भूमिका रहेगी।
सड़क निर्माण के दौरान भूमि उपलब्धता बड़ी चुनौती
हालांकि, पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण के दौरान भूमि उपलब्धता बड़ी चुनौती है। कई स्थानों पर जमीन से जुड़े मामलों के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। इसे देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने प्रदेशवासियों से स्वेच्छा से भूमि दान करने की अपील की है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश के लोगों से आग्रह किया है कि सड़क निर्माण के लिए प्रदेश के लोग स्वैच्छिक रूप से आगे आएं और जरूरत के अनुसार विभाग के नाम भूमि दान करें। इससे सड़क निर्माण की प्रक्रिया में आने वाली अड़चनों को दूर करने में मदद मिलेगी। प्रदेश के दूर-दराज के गांवों तक सड़क सुविधा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। केंद्र से परियोजना को जल्द मंजूरी दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।