बदरपुर-वाईएमसीए मेट्रो कॉरिडोर के तहत बनने वाले वाईएमसीए मेट्रो स्टेशन का नाम बदल कर मुजेसर रखा जाए। मुजेसर निवासियों ने वाईएमसीए मेट्रो स्टेशन के नाम को लेकर आपत्ति जता दी है।
सेक्टर-12 स्थित हुडा कार्यालय पर सोमवार को मुजेसर युवा समिति के नेतृत्व में करीब पांच दर्जन ग्रामीण हुडा प्रशासक से मुलाकात करने पहुंचे। समिति के अध्यक्ष पवन जाखड़ ने हुडा प्रशासक को बताया कि मुजेसर गांव का इतिहास बहुत ही पुराना है। यह गांव मुगलों व अंग्रेजों के समय भी काफी चर्चित रहा है। गांव की जमीन को लेकर हुडा ने औद्योगिक सेक्टरों का विस्तार किया है।
हाईवे के किनारे कोर्ट रोड पर अधिकांश सेक्टर गांव की जमीन पर बसे हैं। गांव की जमीन पर ही वाईएमसीए यूनिवर्सिटी को भी बनाया गया है। लेकिन मेट्रो कॉरिडोर के तहत बनने वाले नौ मेट्रो स्टेशन में एक मेट्रो स्टेशन का नाम वाईएमसीए रख दिया गया है, जबकि इसका नाम मुजेसर होना चाहिए था।
पिछले दिनों हुडा की ओर से मेट्रो स्टेशनों के नाम को लेकर लोगों से 15 दिसंबर तक आपत्ति मांगी गई थी। लेकिन ग्रामीणों को इसकी जानकारी देर से हुई। ऐसे में रविवार को गांव के सामुदायिक भवन में शीशराम जाखड़, धर्मवीर परसवाल, धर्मवीर गोदारा, नत्थीराम लांबा व किरण सिंह गोदारा की उपस्थिति में गांव वालाें ने पंचायत की, जिसमें वाईएमसीए मेट्रो स्टेशन के नाम पर आपत्ति दर्ज कराने का फैसला लिया।
हुडा प्रशासक सुप्रभा दहिया ने ग्रामीणों से कहा कि डीएमआरसी प्रतिनिधियों के साथ समस्याओं को लेकर तीन जनवरी को बैठक आयोजित होगी। उस दिन ग्रामीणों को बैठक में बुला लिया जाएगा। ग्रामीणों की इस मांग को डीएमआरसी के पास भेज दिया जाएगा। फैसला डीएमआरसी को लेना है। इस मौके पर चरण सिंह परसवाल, धर्मेंद्र लांबा, देवेंद्र गोदारा, प्रवीन भारद्वाज, राजेंद्र लांबा, संजय लांबा, विरेंद्र जाखड़, प्रवीण लांबा सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।