वार्ड नंबर-12 की महिला पार्षद प्रिया के परिवार के साथ चल रही रंजिश में
24 घंटों के भीतर दूसरी बार खूनी खेल खेला गया। इस परिवार से रंजिश रखने
वाले गुट के एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई,
जबकि पार्षद गुट का एक
युवक चाकू लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया, वहीं हत्या के इरादे से उठाए
गए एक अन्य युवक ने भाग कर जान बचाई। मृतक और हमलावरों के चंगुल से भागा
युवक दो दिन पहले पार्षद के ससुर पर हुए जानलेवा हमले के आरोपी हैं। इस
मामले में सदर थाने के एसएचओ को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
बुधवार रात
करीब 10 बजे तीर्थनगर बाडीमाजरा में स्थित बत्तरा फैक्टरी के समीप एक युवक
का शव लहूलुहान हालत में मिला। उसकी शिनाख्त बाडीमाजरा रूपनगर कॉलोनी
निवासी राज सिंह राणा के पुत्र मोहित के रूप में हुई।
छानबीन के दौरान पता
चला कि मोहित दोसड़का जाने के लिए घर से निकला था। मोहित के साथ दोसड़का
जाने के लिए निकले युवक राहुल उर्फ टाका ने बताया कि बुधवार रात करीब आठ
बजे मोहित ने उसे फोन कर जगाधरी बस अड्डे बुलाया। जब वह बस अड्डे पहुंचा तो
इसी बीच दूसरे गुट के 20-25 लोग तीन कारों पर सवार होकर वहां पहुंच गए। इस
दौरान वहां जमकर झगड़ा हुआ।
इस झगड़े में दूसरे गुट का एक युवक काका गंभीर
रूप से घायल हो गया। कार में आए लोग मोहित और राहुल को अलग-अलग कार में
डालकर ले गए। राहुल ने बताया कि उसे कार में डालकर पेपर मिल दो सौ क्वार्टर
ले जाया गया, जहां उसके साथ मारपीट की गई और कनपटी पर बंदूक रख दी गई। वह
किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर वहां से भाग निकला। उधर, बस अड्डे पर घायल
हुए दूसरे गुट के युवक काका को ट्रामा सेंटर लाया गया। उसकी गंभीर हालत को
देखते हुए चिकित्सकाें ने उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। चिकित्सकाें के
अनुसार काका के शरीर में मल्टीपल फ्रैक्चर और छाती पर गहरा घाव था।
तीर्थनगर बाडीमाजरा में मृत मिले मोहित के शरीर पर चोटाें के काफी निशान
थे। उसके हाथ पीछे की ओर बंधे थे और पैरों, सिर सहित पूरे शरीर पर रेत थी।
अंदाजा लगाया जा रहा है कि उसे किसी गाड़ी के पीछे बांधकर घसीटा गया है।
मोहित के शव को सिविल अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम ले जाया गया।
अस्पताल में बनी रही तनाव की स्थिति
वीरवार
को पोस्टमार्टम रूम के बाहर तनाव की स्थिति बनी रही। सुबह ही बड़ी संख्या
में मृतक युवक के परिजन और परिचित वहां पहुंच गए। उन्होंने पुलिस पर इस
मामले में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया। मृतक मोहित के पिता ने बताया कि तीन
दिन पहले दूसरे गुट के युवकों ने बाडी माजरा स्थित उसके बड़े बेटे के
कार्यालय में तोड़फोड़ की थी। इसकी शिकायत सदर थाना पुलिस को की गई, लेकिन
पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। परिजनों ने हत्यारोपियों की
जल्द गिरफ्तारी और सदर थाना प्रभारी को सस्पेंड करने की मांग करते हुए
चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर शव को सड़क पर रखकर जाम लगा देंगे। स्थिति
तनावपूर्ण होने पर पुलिस बल को मौके पर बुला लिया गया। एसडीएम डॉ. आदित्य
दहिया, डीएसपी हेड क्वार्टर विजेंद्र विज, डीएसपी जगाधरी सुरेश कुमार,
तहसीलदार सुरेश कुमार के अलावा थाना शहर यमुनानगर, सदर यमुनानगर, शहर
जगाधरी और फर्कपुर एसएचओ भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों ने मृतक के
परिजनों को हत्यारोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। उनकी मांग पर
थाना सदर एसएचओ बरखाराम को लाइन हाजिर कर दिया गया। इसके बाद पुलिस की
निगरानी में शव को बाडी माजरा ले जाया गया। यहां से शव को मृतक के पैतृक
गांव सहारनपुर जिले के सरसावा थानांतर्गत कुटुम्ब शेरपुर गांव ले जाया गया,
जहां उसकी पुलिस की मौजूदगी में संस्कार कर दिया गया।
पार्षद के पति सहित 22 के खिलाफ केस
सदर
थाने में मोहित की हत्या के आरोप में 22 लोगों को नामजद करते हुए उनके
खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। इनमें पार्षद प्रिया का पति अमित
उर्फ बंटी, कश्मीरी लाल, सन्नी, गुच्चा, सुकरमपाल, ताजिकपुर का पूर्व सरपंच
रामलाल, काका, सुमित राणा, सन्नी दर्जी, राकेश कुमार, गोला, विशाल कबाड़ी,
निक्कू, प्रदीप, बिट्टू शर्मा, कमल, कमल रुलाखेड़ी, सचिन, मोनू और गोलू
शामिल हैं। इस मामले की जांच का जिम्मा सीआईए को सौंप दिया गया है।
पुलिस ने नहीं दिखाई गंभीरता
इन
दोनों गुटों में पिछले करीब दो साल से रंजिश चल रही है। दोनों ही गुट पहले
भी कई बार भिड़ चुके हैं। दोनों गुटों की शिकायत पर एक-दूसरे के खिलाफ
मारपीट और अन्य धाराओं में कई मामले भी दर्ज हैं। करीब डेढ़ महीने पहले
पार्षद प्रिया के घर के बाहर एक युवक देसी कट्टे सहित दबोचा गया। यह युवक
नशे की हालत में था। पार्षद के परिजनाें ने उसे पकड़कर रस्सी से बांध दिया
और मामले की सूचना पुलिस को दी। उस युवक ने बताया कि दूसरे गुट के युवकों
ने उसे पार्षद के पति को जान से मारने के लिए यहां भेजा है। इसके बाद मृतक
मोहित के भाई के कार्यालय में तोड़फोड़ की गई, जिसका आरोप पार्षद के परिवार
पर लगाया जा रहा है। दो दिन पहले पार्षद प्रिया के ससुर सतपाल पर जानलेवा
हमला हुआ। वह अभी भी निजी अस्पताल में उपचाराधीन है। घायल सतपाल के परिजनों
की शिकायत पर पुलिस ने मृतक मोहित, मोहित के पिता राज सिंह राणा, भाई शिव
राणा, राहुल उर्फ काका सहित 18 के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज
किया था। दोनों गुट बार-बार एक दूसरे पर हमला करते रहे। लेकिन पुलिस
मूकदर्शक बनी रही। यदि पुलिस पहले ही गंभीर हो गई होती तो इस खूनी संघर्ष
को टाला जा सकता था।