थाना फर्कपुर क्षेत्र में चाइल्ड हेल्प लाइन और पुलिस टीम की ओर से संयुक्त कार्रवाई कर पांच साल की रोती बिलखती बच्ची को बंद कमरे से छुड़वाया है। बच्ची को उसका पिता कमरे में बंद करके काम पर गया था। चाइल्ड हेल्प ने बच्ची को चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी के सामने पेश किया, जहां से उसे बालकुंज छछरौली भेज दिया गया।
चाइल्ड हेल्प लाइन कोर्डिटनेटर भानू प्रताप, सदस्य शशी वासन व हन्नी ने बताया कि गुरुवार सुबह सूचना मिली कि करीब पांच साल की बच्ची कमरे में बंद है और रो रही है। कमरे के दरवाजे पर ताला लगा हुआ है। इसकी सूचना मिलते ही टीम ने थाना फर्कपुर में सूचना दी और पुलिस के साथ टीम मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने ताला तोड़ कर बच्ची को बाहर निकाला और टीम बच्ची को अपने साथ ले गई। टीम कोर्डिनेटर ने बताया कि बच्ची स्वास्थ्य थी, लेकिन रो रही थी। जांच में पता चला कि बच्ची की मां नहीं है। पिता काम पर जाने से पहले उसे कमरे में बंद कर देता है और टीवी चलाकर चला जाता है। उसकी सुरक्षा के लिए पिता कमरे के दरवाजे पर ताला लगा कर जाता है। हालांकि पिता बच्ची के लिए खाना भी बना कर जाता है। जिस समय टीम ने ताला खोला, उस समय भी बच्ची बुरी तरह से रो रही थी और डरी हुई थी। मौके पर बच्ची के पिता को भी बुलाया गया। जिन्होंने बताया कि मजबूरी में उन्हें ऐसा करना पड़ता है। बच्ची को किसी दूसरे के सहारे छोड़ कर जाने पर डर लगता है। उसने भविष्य में ऐसा न करने की दलील दी। लेकिन टीम बच्ची को अपने साथ ले गई। बताया गया है कि बच्ची की बुआ भी पास ही रहती है, लेकिन वह भी काम करती है।
चाइल्ड हेल्प लाइन ने बच्ची को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। जहां से उसे बालकुंज छछरौली भेज दिया गया। बाल कल्याण समिति सदस्य अंजू वाजपेयी ने बताया कि बच्ची ठीक है। उसकी सुरक्षा को देखते हुए उसे बालकुंज भेजने का निर्णय लिया गया है।
उधर, थाना फर्कपुर प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि चाइल्ड हेल्प लाइन ने मदद मांगी थी। जिसके बाद एक टीम को उनके साथ भेजा गया था। टीम ने बच्ची को छुड़ाया है, लेकिन अभी कोई शिकायत नहीं दी है।