जिले के सरकारी स्कूलों में जेबीटी की ज्वाइनिंग की प्रक्रिया सप्ताह भर बाद भी पूरी नहीं हो पाई है। 30 मई तक प्रदेश भर के 534 में से 265 जेबीटी को ही हुए स्कूल आवंटित हो पाए हैं। जबकि पहले ज्वाइनिंग लेटर फिर मेडिकल के लिए धक्के मिलने पर भी करीब 279 को अब भी स्कूल अलॉट नहीं हो पाए हैं। कछुआ गति से चल रही स्कूल आबंटन प्रक्रिया से परेशान दर्जनों जेबीटी मंगलवार को लघु सचिवालय में डीसी दरबार पहुंचे। उन्होंने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ डीसी से डीईईओ को आदेश देकर कार्रवाई करने की गुहार लगाई। डीसी ने उनकी समस्या सुनने के बाद मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बीती 23 मई को प्रदेश भर से आए नव चयनित जेबीटी को डीईईओ कार्यालय से ज्वाइनिंग लेटर जारी होने थे। पहले दिन से विभाग की लेटलतीफी नजर आने लगी और सुबह से शाम तक इंतजार करने के बाद 50 को ही ज्वाइनिंग लेटर जारी हो पाए। इसके बाद 24 व 25 मई को सभी को ज्वाइनिंग लेट जारी कर दिए गये। इसके अगले कई दिनों तक उन्हें मेडिकल के लिए धक्के खाने पर मजबूर होना पड़ा। इसी तरह 23 मई से शुरू हुई नवचयनित जेबीटी के सरकारी स्कूलों में ज्वाइनिंग की प्रक्रिया कछुआ गति से चल रही है। फिलहाल करीब 269 नवचयनित जेबीटी को स्कूल आवंटन न होने के कारण भटकने पर मजबूर होना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ रोष स्वरूप मंगलवार को दर्जनों नवचयनित जेबीटी लघु सचिवालय में डीसी दरबार पहुंचे। उन्होंने डीसी रोहतास सिंह खरब को अपनी समस्या से अवगत कराया और डीईईओ को आदेश देकर सभी जेबीटी को जल्द स्कूल अलॉट करने की गुहार लगाई। इस पर डीसी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सात दिन बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं
नवचयनित जेबीटी पूनम, दीपा, मंजू कुमारी, सुषमा, शिवराम, नितिन कुमार ने कहा कि शिक्षा विभाग के डायरेक्टर के पत्र के मुताबिक सभी नवचयनित जेबीटी को तीन दिन के अंदर स्कूल आवंटित करने थे, लेकिन एक सप्ताह बाद भी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। इससे उन्हें आर्थिक, सामाजिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नए आदेशानुसार 534 को होने है स्कूल आवंटित
विभागीय सूत्रों की मानें तो 320 नवचयनित जेबीटी को 26 मई तक स्कूल आबंटित किए जाने थे। लेकिन 30 मई तक केवल 265 को ही स्कूल आवंटित हो सके हैं। जबकि 31 मई तक 375 अध्यापकों को स्कूल आवंटित करने थे वहीं, नए आदेशानुसार 534 अध्यापकों को स्कूल आवंटित करने हैं।