हरियाणा के यमुनानगर के जगाधरी में आत्मापुरी के रूदल की हत्या के बाद परिजनों ने पुलिस पर समय रहते कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को उसके परिजन रिश्तेदारों के साथ शव को पोस्टमार्टम हाउस में रख कर लघु सचिवालय में एसपी से मिलने पहुंचे। उन्होंने हमीदा चौकी इंचार्ज व जांच अधिकारी को निलंबित करने की मांग की।
साथ ही चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने हत्यारे को गिरफ्तार नहीं किया तो वह जाम लगाएंगे। परिजनों ने लघु सचिवालय परिसर में ही नारेबाजी की। एसपी ने मृतक के परिजनों को सांत्वना देते हुए यह केस सीआईए को सौंपने की बात कही। साथ ही आश्वासन दिया कि इस मामले में जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। परिवार को इंसाफ दिलाने में वह हर संभव मदद करेंगे।
मृतक रूदल के पिता जग्गू चौरसिया, भाई अनुज, प्रताप यादव, पप्पू, लक्की, सोनू कुमार, दीपक, राजेश, सतप्रकाश, निर्मल, अनुज, दीपक, बबीता, बीना देवी, सरस्वती, संतोष, सुधीर, निर्मला ने कहा कि रूदल छह दिसंबर को घर से गया था। जब वह घर से गया था तो उसके दोस्त का फोन आया हुआ था। तब रूदल के मोबाईल का स्पीकर ऑन था।
फोन करने वाला उसे कह रहा था कि जल्दी आ जाओ। यह सुनते ही रूदल दौड़ता हुआ गया। परंतु रात तक वापस नहीं लौटा। काफी तलाश करने पर भी उसका कुछ पता नहीं चला उन्होंने आठ दिसंबर को हमीदा चौकी में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जिस दोस्त का फोन आया हुआ था उसके बारे में भी पुलिस को बताया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी के पक्ष की बातें कही और उसे बातचीत कर छोड़ दिया।
14 दिसंबर को रूदल का शव हमीदा हेड रोड पर झाड़ियों में मिला। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि पुलिस ने समय रहते आरोपी पर कार्रवाई की होती तो रूदल जिंदा होता। एक बार तो परिजनों ने यह भी कहा कि जब तक हत्यारे गिरफ्तार नहीं होते वह रूदल का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे और जाम भी लगाएंगे। इस मामले में चौकी इंचार्ज व जांच अधिकारी ने लापरवाही बरती है। इसलिए उन्हें निलंबित किया जाए। बाद में 10 लोग एसपी गंगाराम पूनिया से उनके कार्यालय में मिले।
इंसाफ दिलाया जाएगा : एसपी
एसपी गंगाराम पूनिया ने कहा कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है। मामले की जांच सीआईए से कराई जाएगी। परिवार को इंसाफ दिलाया जाएगा। परिजनों के आरोपों की जांच की जाएगी।