ईशोपुर गांव में विवाहिता के मायके वालों ने वीरवार को पुलिस के खिलाफ धरना दे दिया। परिजनों का आरोप है पुलिस ने उनकी बेटी का सुराग नहीं लगा पा रही है। वहीं परिवार के समर्थन में भाकियू भी आ गई। प्रदर्शन का नेतृत्व भाकियू डायरेक्टर मनदीप रोड छप्पर ने किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी यदि पुलिस ने उनकी सुनवाई नहीं की तो वे एसके रोड जाम कर देंगे। वहीं सूचना मिलते ही डीएसपी कंवलजीत सिंह और एसएचओ सदर यमुनानगर जोगिंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत विवाहिता के पति और सास को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। डीएसपी ने कहा कि वे इस मामले में पहले भी जांच कर चुके हैं। ससुराल वालों से पूछताछ की जा चुकी है। आगे भी जांच जारी है।
पुलिस को दी शिकायत में राजकली ने बताया कि बेटी गीता की इसी मार्च को गांव धनौरा के विक्रम से शादी हुई थी। शादी से पहले उन्हें बताया गया था कि वह दूध डेयरी करता है। बाद में पता चला कि वह कोई काम नहीं करता है। आरोप है उसकी बेटी गीता के साथ ससुराल में मारपीट की जाती थी। शिकायत में महिला ने बताया कि 23 अक्तूबर को उसका बेटा अपनी बहन के घर पर शादी का कार्ड देने गया था। तब गीता ने कागज पर लिखकर दिया था कि उसके परेशान किया जा रहा है। उन्हें शक है कि गीता को मारकर फेंक दिया है। यह शिकायत एसपी को 13 नवंबर को दी गई थी। उधर मनदीप रोड छप्पर का कहना है पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया है। मामले की सांच की जा रही है। पुलिस ने गीता के पति और सास को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया था।