परीक्षाओं में फेल होने पर छात्राओं में मानसिक दबाव बढ़ रहा है। सप्ताह भर फेल होने से दूसरी छात्रा की मौत हो गई। कुछ दिन पहले जहां रादौरी में दसवीं कक्षा में फेल होने पर छात्रा ने जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली थी, वहीं अब बिलासपुर के गांव रानीपुर में 12वीं कक्षा में फेल होने पर परेशान छात्रा ने जहरीला पदार्थ निगलकर जान दे दी। परिणाम आने के बाद से छात्रा परेशान थी। गुुरुवार रात जब परिजन सोने की तैयारी में थे तब छात्रा ने जहरीला पदार्थ निगल लिया। जिससे वह उल्टी करने लगी तो परिजन उसे ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। जहां से उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद परिजनों को सौंप दिया।
रानीपुर निवासी महेंद्र कुमार ने बताया कि उसकी बेटी प्रियंका (17) पढ़ने लिखने में ठीक थी। क्षेत्र के संधाय गांव में निजी स्कूल से 12वीं की परीक्षा दी हुई थी। चार दिन पहले 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम आया। जिसमें वह फेल हो गई। परिणाम आने के बाद से वह परेशान चल रही थी। तब से परिवार में किसी से बात नहीं कर रही थी। वह अकेली अपने कमरे में लेटी रहती थी। गुरुवार रात करीब नौ बजे परिवार के सदस्य खाना खाने के बाद सोने की तैयारी कर रहे थे। इस दौरान प्रियंका अपने कमरे से उल्टी करते हुए आई। पूछने पर बोली कि उसने गेहूं की रखी दवाई खा ली है। परिजन उसे तुरंत रणजीतपुर में निजी डॉक्टर के पास लेकर गए। जहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बिलासपुर पीएचसी में जाने की सलाह दी। उसे बिलासपुर पीएचसी में लेकर गए। यहां से उसकी हालत गंभीर देखते हुए ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। ट्रॉमा सेंटर से भी उसकी हालत को गंभीर देखते हुए उसे पीजीआई रेफर किया गया। लेकिन रास्ते में छात्रा ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया। शुक्रवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया।
पहली बार हुई थी फेल
महेंद्र का कहना है कि प्रियंका उसकी इकलौती बेटी थी। बेटा मांगाराम 11वीं क्लास में पढ़ रहा है। प्रियंका पढ़ाई में बहुत अच्छी थी। पहली क्लास से 11वीं तक कभी फेल नहीं हुई। दसवीं कक्षा में भी अच्छे अंकों के साथ पास हुई थी। वह कहती थी कि उसे ग्रेजुएशन करनी है, लेकिन वह 12वीं में पास न होने से परेशान थी। जिस दिन रिजल्ट आया था उसी दिन से गुमसुम थी और अपने कमरे में लेटी रहती थी।
बच्चों को नजरअंदाज न करें : भारती
मनौचिकित्सक डा. विक्रम भारती का कहना है कि माता पिता ऐसा माहौल देने का प्रयास करें, जिससे बच्चा मेहनत की तरफ ध्यान दें और खुद को उसमें व्यस्त रखे। आजकल बच्चों को ना सुनने की आदत नहीं है। अगर बच्चा ऐसा कर रहा है तो उसकी बातों को सुने और नजरअंदाज न करे। बच्चों से अच्छी बातें अधिक से अधिक शेयर करे। उन्हें उन्हें सांत्वना दे। बच्चों को रिलेक्स करने के लिए उनके साथ अधिक से अधिक टाइम बिताएं। उनका ध्यान खेलों व अन्य गतिविधियों में लगाए। यदि फेल होने के बाद बच्चा परेशान है तो उन्हें नजरअंदाज बिल्कुल न करे। 80 प्रतिशत आत्महत्या के केस उन्हें नजरअंदाज करने से होते है। उन पर ध्यान रखें। हो सके तो उनके साथ ही रहें और माहौल ऐसा बनाए जिससे उसका ध्यान हट सके।
घर में न रखे जहरीले पदार्थ
घरों में गेहूं की फसल काटने के बाद जहरीला पदार्थ व फसलों पर डालने के कीटनाशक रखे होते है। गेहूं, धान व अन्य खाद्य सामग्री के भंडारण के लिए भी जहरीले पदार्थ रखे होते है। परेशान बच्चे, महिलाएं व युवतियां इन्हें खाकर आत्महत्या जैसे कदम उठाते है। विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रकार के कीटनाशक व जहरीले पदार्थ घरों में न रखे। यदि रखने भी है तो उन्हें बच्चों की पहुंच से काफी दूर छिपाकर रखें।
सप्ताहभर में फेल होने से परेशान दूसरी छात्रा ने दी जान
सप्ताहभर में परीक्षा में फेल होने से परेशान होकर जहरीला पदार्थ खाकर जान देने वाली यह दूसरी छात्रा है। इससे पूर्व रादौरी निवासी कोमल ने 25 मई को दसवी कक्षा में तीसरी बार भी फेल होने से परेशान होकर जहरीला पदार्थ खाकर जान दी थी। रादौरी निवासी मायाराम ने बताया था कि उसकी बेटी कोमल तीन साल से दसवी कक्षा की परीक्षा दे रही थी। इस साल भी उसने दसवी की परीक्षा दी। बीते दिनों आए दसवीं के परीक्षा परिणाम में उसकी बेटी फेल हो गई। तब से उसकी बेटी मानसिक रूप से परेशान चल रही थी। 25 मई को जब परिवार के सदस्य अपने कार्यों में व्यस्त थे, तब उसकी बेटी ने जहरीला पदार्थ खा लिया। जिससे उसकी मौत हो गई।
रानीपुर में जहरीला पदार्थ खाने से हुई छात्रा की मौत की सूचना पर वह मौके पर गए थे। मामले में 174 की कार्रवाई कर छात्रा के शव का पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। छात्रा 12वीं कक्षा में फेल होने से परेशान चल रही थी। इसी के चलते उसने आत्महत्या की।
- सतपाल सिंह, जांच अधिकारी, थाना बिलासपुर।
इनसर्ट जठलाना में युवक ने निगला जहरीला पदार्थ, अस्पताल में भर्ती
यमुनानगर। जठलाना निवासी ललित ने शुक्रवार सुबह जहरीला पदार्थ निगल लिया। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। उसे शहर के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कर गया। जहां उसका उपचार चल रहा है। ललित के दादा ने बताया कि 18 वर्षीय ललित सुबह अपने खेत में गया था, वहां उसे गर्मी के कारण पानी की प्यास लगी तो उसने खेत में पड़ी दवाई की बोतल को धोकर पर पास से पानी भरकर पी लिया। जब वह घर आया तो उसकी हालत बिगड़ने लगी। जिसकी हालत बिगड़ने पर परिजन उसे शहर के निजी अस्पताल में ले गए। जहां उसकी हालत ठीक बताई जा रही है।