सहारनपुर में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद जिला प्रशासन मुस्तैद हो गया है। सहारनपुर की सीमा से सटा होने के कारण पुलिस प्रशासन विशेष एहतियात बरत रहा है।
इसी कड़ी में रविवार को विभिन्न इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला गया। पुलिस अधिकारियों ने विभिन्न समुदाय के लोगों के साथ बैठक कर जिले में शांति बनाए रखने में सहयोग की अपील की।
डीएसपी हेडक्वार्टर विजेंद्र विज के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सहारनपुर रोड से कलानौर बार्डर, मंडौली, दौलतपुर, दुसानी, नाहरपुर, टोडरपुर, कैत मंडी, शादीपुर, पुराना हमीदा, विश्वकर्मा चौक, कमानी चौक, जगाधरी वर्कशॉप, मंडेबर, मंडेबरी, कांसापुर और बूड़िया में फ्लैग मार्च निकाला।
डीएसपी ने लोगों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें। इस दौरान शरारती तत्व सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेंगे। ऐसे लोगों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
फ्लैग मार्च के बाद डीएसपी ने विभिन्न समुदाय के लोगों के साथ कार्यालय में शांति कमेटी की बैठक की। डीएसपी ने कहा कि सहारनपुर में घटित घटना को ज्यादा तूल न दें और आपस में भाईचारा बनाए रखें ताकि जिले में शांति व अमन बना रहे।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी प्रकार की सांप्रदायिक अफवाह फैलाने की कोशिश करता पकड़ा गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विद्यार्थियों का आना-जाना मुश्किल
पड़ोसी जिले सहारनपुर से सैकड़ों छात्र-छात्राएं प्रतिदिन यमुनानगर और जगाधरी के कॉलेजों में पढ़ने के लिए आते हैं। शनिवार को सहारनपुर में हुई सांप्रदायिक हिंसा के कारण कई छात्राएं वापस घर नहीं जा सकीं। शहर के एक गर्ल्स कॉलेज में पढ़ने वाली इन छात्राओं को कॉलेज के होस्टल में ठहराया गया। अगले दिन उनके अभिभावक यहां आकर उन्हें अपने साथ ले गए। यहां के कॉलेजों में पढ़ने वाली सहारनपुर की कई छात्राएं शनिवार को घर चली जाती हैं और सोमवार को लौटती है। हिंसा के कारण ये छात्राएं सहारनपुर नहीं जा सकी। वहां के हालात से छात्राएं चिंतित हैं।
सहारनपुर के हालात से दुकानदार चिंतित
पड़ोसी जिले के साथ यमुनानगर के कारोबारी रिश्ते भी हैं। यमुनानगर के कई लोगों की सहारनपुर में कारोबार है और वे प्रतिदिन सहारनपुर आते-जाते हैं।
सहारनपुर में हुई हिंसा और आगजनी के बाद इन लोगों को दुकानों की चिंता सता रही है। माडन टाउन में रहने वाले नरेश कुमार की सहारनपुर के जाटव नगर में शूज सोल की दुकान है।
हिंसा के बाद वह सहारनपुर नहीं जा पा रहे हैं। उन्हें अपनी दुकान की चिंता सता रही है। ग्रीन पार्क में रहने वाले हरप्रीत सिंह की सहारनपुर में अंबाला रोड पर छाबड़ा कांपलेक्स में ऑफिस है। सहारनपुर में कर्फ्यू होने के कारण वहां नहीं जा पा रहे हैं।
वे समाचार चैनलों और वहां रह रहे परिचितों से हालात की जानकारी ले रहे हैं। सिटी सेंटर के समीप रहने वाले सुभाष की सहारनपुर की जग्गा मार्केट में जूते की दुकान है।
वह भी दो दिन से घर में ही हैं और भगवान से वहां के हालात जल्द सुधरने की प्रार्थना कर रहे हैं।
यूपी में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग
उद्योग व्यापार मंडल की आपात बैठक प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र कुमार की अध्यक्षता में रादौर रोड स्थित कार्यालय में हुई। बैठक में सहारनपुर दंगों पर चर्चा की गई।
मित्तल ने दंगों पर दुख जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार को जल्द से जल्द यूपी में राष्ट्रपति शासन लागू करके वहां की जनता को अराजक हो चुके माहौल से बचाना चाहिए।
सहारनपुर में हुए दंगों में व्यापारी नेता कोचर की हत्या पर गहरा शोक जताया गया और सरकार से हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की गई। साथ ही व्यापारी के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की गई।