यमुनानगर। डमौली, गढ़ी बीरबल, रादौर, रणजीतपुर रूटों की छात्राओं सहित अन्य युवतियों व महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। क्योंकि इन रूट पर हरियाणा रोडवेज के यमुनानगर डिपो से महिला स्पेशल बसें चला दी गई हैं। इन रूटों पर शिक्षण संस्थानों की छुट्टी के दोपहर एक से दो बजे के बीच यमुनानगर बस स्टैंड से बसों की रवानगी है। ऐसे ही सुबह शिक्षण संस्थान खुलने के पहले भी रूटों पर बसों के फेरे तय किए हैं। इससे चारों रूट पर पड़ने वाले ग्रामीण इलाकों से छात्राओं को शिक्षण संस्थानों में आने-जाने में सहूलियत हो सके। रोडवेज अफसरों की मानें तो अभी स्कूल बंद हैं, जिनके खुलने पर मांग बढ़ती है तो छात्रा स्पेशल बसों के रूट और टाइम बढ़ाने पर फैसला लिया जा सकता है।
महिला स्पेशल में 52 सीटर बसें लगाईं
चारों रूट पर 52 सीटर बसें लगाई गई हैं। हालांकि डिपो पर केवल छात्राओं के लिए चलाने को विभाग की भेजी पांच पिंक बसें भी हैं, पर रूटों पर छात्राओं सहित अन्य युवतियों व महिलाओं की संख्या अधिक होने पर 52 सीटर बसें ही चलाई जा रही हैं। जबकि पिंक बसें मेरठ व कम यात्रियों वाले ग्रामीण रूटों पर चल रही हैं।
अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
महिला स्पेशल पांच 32 सीटर पिंक बसें डिपो पर आने के बाद से कोरोना काल में राहत कार्यों में रहीं फिर एंबुलेंस में तब्दील रखी गईं। गत माह पिंक बसों को सामान्य रूटों पर चलाया गया, बावजूद इसके शिक्षण संस्थानों की छात्राओं को पुरुषों की भीड़ में बसों में चढ़ने व सफर करने पर मजबूर होना पड़ रहा था। क्योंकि पिंक बसें केवल छात्राओं के लिए न चलाकर मेरठ व अन्य ग्रामीण रूटों पर मिक्स सवारी के साथ चलाई। यह मामला अमर उजाला ने पांच जून के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। अब चार रूटों महिला स्पेशल बसें चलने से छात्राओं को राहत मिल पाई है।
अभी चार रूटों पर महिला स्पेशल बसें चलाई जा रही हैं। स्कूल खुलने पर डिमांड बढ़ती हैं तो महिला स्पेशल बसों के रूट व टाइम बढ़ाने पर फैसला ले सकते हैं।
- बलविंद्र शर्मा, ड्यूटी इंस्पेक्टर, (हरियाणा रोडेवज) यमुनानगर।