संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। महक महिला स्वयं सहायता समूह पिछले दो वर्षों से कैंटीन संचालन के माध्यम से न सिर्फ अपनी आजीविका चला रहा है, बल्कि सशक्तिकरण का संदेश दे रहा हैं। इस समूह से जुड़ी महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
इस स्वयं सहायता समूह की 14 महिलाएं मिलकर ईएसआई अस्पताल परिसर में रसोई के नाम से कैंटीन का संचालन कर रही हैं। यहां मरीजों, उनके परिजनों व अस्पताल स्टाफ के लिए स्वच्छ, पौष्टिक और किफायती भोजन सिर्फ 10 रुपये में उपलब्ध करा रही हैं। कैंटीन की गुणवत्ता और स्वाद के कारण इसकी अच्छी पहचान बन चुकी है, जिससे ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
समूह से जुड़ी महिला शबनम का कहना है कि पहले वे घर तक ही सीमित थीं और आर्थिक रूप से दूसरों पर निर्भर रहती थीं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने और कैंटीन का संचालन शुरू करने के बाद उनकी आमदनी में निरंतर वृद्धि हुई है। अब वे हर महीने नियमित आय अर्जित कर रही हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और घरेलू जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा किया जा रहा है।
कैंटीन में सप्ताह की डाइट का पूरा लेखा जोखा रजिस्टर में दर्ज किया जाता है और दिन के हिसाब से खाना तैयार किया जाता है। यहां पर काम करने वाली महिलाएं साफ सफाई का पूरा ध्यान रखती हैं। पूनम, सपना, प्रवीन, गीता, सोना, मंजू, पूजा, बबली, दीपा, संजय देवी, कामिनी, कौशल्या व उषा ने बताया कि समूह के तहत उन्हें न केवल रोजगार मिला है, बल्कि आपसी सहयोग, नेतृत्व और प्रबंधन का अनुभव भी प्राप्त हुआ है।
खरीदारी से लेकर भोजन तैयार करने, साफ-सफाई, हिसाब-किताब और ग्राहकों से संवाद तक की जिम्मेदारियां महिलाएं खुद संभाल रही हैं। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे समाज में सम्मानजनक पहचान बना पा रही हैं। महक महिला स्वयं सहायता समूह का यह प्रयास अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रहा है। समूह की सदस्य चाहती हैं कि आने वाले समय में कैंटीन के साथ-साथ आय बढ़ाने की अन्य गतिविधियां भी शुरू की जाए, जिससे और अधिक महिलाओं को रोजगार मिल सके।