यमुनानगर। नगर निगम के अपने नए भवन के लिए मेयर, पार्षदों व लोगों को अभी तीन साल का और इंतजार करना पड़ेगा। जनवरी 2026 में भवन का निर्माण शुरू करने की बात कही जा रही है। काम पूरा होने में ढाई साल का समय लगेगा। ऐसे में वर्ष 2028 के आखिर में ही भवन नगर निगम को मिलने की उम्मीद है। तब तक शहरवासियों को निगम के तीन कार्यालयों में भागदौड़ करनी पड़ेगी।
नगर निगम के नए कार्यालय के निर्माण के लिए टेंडर भी दोबारा नए सिरे से लगाया जाएगा। दरअसल पहले नगर निगम का भवन गोबिंदपुरा में 3.87 एकड़ भूमि पर बनना था। इसके लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मार्च 2018 को भवन का शिलान्यास भी कर दिया था। उस दौरान 28.28 करोड़ रुपये का टेंडर लगाया गया था।
गोबिंदपुरा के ग्रामीणों ने तालाब की जगह बताते हुए इस पर एतराज जताया और कोर्ट से स्टे लेकर भवन बनाने की प्रक्रिया रोक दी थी। अब आठ साल में महंगाई काफी बढ़ गई है। इसलिए इसका दोबारा एस्टीमेट बनाकर टेंडर लगाया जाएगा। माना जा रहा है कि भवन निर्माण खर्च अब 28 लाख रुपये से बढ़कर 35 से 40 करोड़ रुपये तक जा सकता है। गोबिंदपुरी के लोगों द्वारा एतराज जताए जाने के बाद नगर निगम ने जिला सचिवालय के सामने मार्केट कमेटी जगाधरी से अनाज मंडी में कार्यालय के लिए 2.30 एकड़ जमीन ली है।
यह जमीन करीब 40 करोड़ रुपये में ली गई है। यह राशि भी अभी तक मार्केट कमेटी को ट्रांसफर नहीं की गई है। हालांकि शहरी एवं स्थानीय निकाय के मुख्यालय में राशि आ चुकी है। अब यह नगर निगम कार्यालय में खाते में आएगी। फिर इसे मार्केट कमेटी को ट्रांसफर किया जाएगा। इसके बाद जमीन नगर निगम को मिल सकेगी। संवाद
काम कराने के लिए तीन दफ्तरों में भटक रहे लोग
नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी के तीन कार्यालय हैं। इंजीनियरिंग व बिल्डिंग ब्रांच गोविंदपुरी में निगम के एससीओ में चल रही है। जगाधरी जोन का कार्यालय पहले से ही जगाधरी में चल रहा है। तीसरा कार्यालय भगत सिंह चौक के पास रेलवे स्टेशन रोड पर है, जिसमें निगम आयुक्त व मेयर बैठते हैं। तीन कार्यालय होने से शहरवासियों व पार्षदों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसके अलावा पुराने भवन में पार्किंग की बड़ी दिक्कत है। यहां मजबूरी में सड़क पर ही वाहनों को खड़ा करना पड़ता है।
मार्केट कमेटी को देने के लिए करीब 40 करोड़ रुपये यूएलबी में आ गए हैं। जल्द ही यह राशि मार्केट कमेटी को ट्रांसफर कर दी जाएगी। भवन का एस्टीमेट दोबारा बनाया जाएगा। जनवरी में भवन का निर्माण शुरू होगा, जिसे पूरा होने में करीब ढाई साल का समय लगेगा। - महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।