संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। सिटी बस सेवा के विस्तार के लिए अभी जिले के लोगों को इंतजार करना पड़ेगा। नई इलेक्ट्रिक एसी बसें अगले कई माह में मिलने के आसार कम हैं, क्योंकि जगाधरी बस स्टैंड पर कर्मशाला सहित चार्जिंग व वाशिंग स्टेशन का काम पूरा नहीं है। इसे पूरा होने में पांच से छह माह का समय और लग सकता है, जिससे पहले और नई इलेक्ट्रिक एसी बसों के आने की उम्मीद न के बराबर है।
यमुनानगर के कोटे में सिटी बस सेवा के लिए कुल 50 इलेक्ट्रिक एसी बसें आनी हैं। इनमें पांच बसें जनवरी-2024 में आईं थीं। अभी सिटी बस के दो ही रूट हैं। इनमें एक जगाधरी बस स्टैंड से यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन और दूसरा जगाधरी बस स्टैंड से छछरौली है। एक साल में बूड़िया से जगाधरी वर्कशॉप रेलवे स्टेशन तक के रूट पर भी दो बार बस चलाई गई, पर कुछ समय में ही रूट बंद कर दिया गया।
अब डिपो के कोटे की शेष 45 बसें आने पर यमुनानगर, जगाधरी, बूड़िया, जगाधरी वर्कशॉप, कलानौर, दामला, रादौर, लाडवा, जठलाना, थाना छप्पर, बिलासपुर, प्रतापनगर, बूड़िया जैसे रूटों को भी कवर करने की योजना है। अभी पांच इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग, धुलाई व मरम्मत के लिए उचित व्यवस्था नहीं है। इसके लिए जगाधरी बस स्टैंड पर करीब आठ करोड़ रुपये के बजट में कर्मशाला सहित चार्जिंग व वाशिंग स्टेशन बन रहे हैं। इसके तैयार ड्राइंग मुताबिक जगाधरी बस स्टैंड पर जहां पुरानी वाहन पार्किंग थी, वहां बसों के चार्जिंग व वॉशिंग स्टेशन बन रहे हैं।
प्रयास है कि जल्द निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए, जिससे नई इलेक्ट्रिक एसी बसें मिल सकें। - संजय रावल, जीएम रोडवेज, यमुनानगर।
रोडवेज डिपो पर खड़ी सिटी बस।आर्काइव