पहले भी घुसा था तेंदुआ, पांच दिन बाद आया काबू : साल 2014 में भी एक तेंदुआ थर्मल के जंगल में घुस गया था। पांच दिन के सैर सपाटे के बाद तेंदुआ वाइल्ड लाइफ टीम के काबू आ गया। 27 अक्टूबर 2014 को थर्मल पॉवर प्लांट में तेंदुआ देखा गया था। जिसके बाद पांच दिन लोगों के दहशत से भरे रहे।
इस दौरान तेंदुआ सीसीटीवी कैमरा में भी दिखाई दिया। जिसके बाद पिंजरा लगा बकरी बांधकर पांच दिन बाद 31 अक्तूबर बाद दोपहर तेंदुआ काबू कर लिया गया। इस कारण तेंदुआ दिखाई देने की बात सच भी मानी जा रही है। हालांकि न तो इसका प्रमाण विभाग को मिला न ही तेंदुआ सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया। लेकिन विभाग की ओर से उसे पकड़ने की पूरी तैयारी है।
जंगल में हैं सैकड़ों अन्य जानवर: वन्य प्राणी एवं जीवजंतु विभाग के अधिकारियों के मुताबिक थर्मल पॉवर प्लांट के जंगल में सैकड़ों अन्य जानवर भी हैं। उन्होंने बताया कि जंगल में जंगली बिल्ली, नील गाय, खरगोश, लोमड़ी, सियार, जंगली सुअर, शिकारी कुत्ते सहित अन्य प्रजातियों के साथ साथ पक्षी भी बहुत हैं। उन्होंने बताया कि ऐसा संभव है कि रात के अंधेरे में किसी जानवर की आंखें चमकी हो और इंसानी खुशबू आने वह भाग गया हो। जिसे तेंदुआ समझ लिया हो।
सूचना के बाद मौके का मुआयना किया है। जहां तेंदुआ देखा गया वहां का गहन निरीक्षण किया गया, लेकिन कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला, जिससे तेंदुआ होने की पुष्टि हो सके। ऐसा भी संभव है कि बारिश के कारण पंजों के निशान नहीं मिले, लेकिन किसी जानवर पर हमला होने का भी कोई सबूत नहीं है। फिलहाल दो पिंजरे लगा दिए गए हैं। पिंजरे में बकरी बांधी गई है। यदि तेंदुआ है, तो जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।
- राजेश चहल, निरीक्षक वन्य प्राणी एवं जीव जंतु विभाग