संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पानी के तेज बहाव ने भूमि कटाव कर टापू कमालपुर के किसानों को गहरे जख्म दिए हैं। हालांकि पानी कम होते ही यहां कटाव भी रुक गया पर प्रशासन की ओर से तटबंधों पर कट्टों में डाली जाने वाली मिट्टी कम पड़ गई।
हालात को देखते हुए कई किसानों ने अपने खेतों की मिट्टी खोद डाली, उसके बाद मिट्टी से भरे कट्टों को किनारों पर लगाया गया है। करीब 50 श्रमिक ही अब यहां लगे हैं। जबकि शुरुआत में 250 श्रमिक यहां काम कर रहे थे। किसानों का कहना है बेशक भूमि कटाव रुक गया, लेकिन बहुत सी जगह अभी बाकी है जहां पर तटबंध लगाए जाने हैं।
किसान विकास राणा ने बताया कि जिस समय भूमि कटाव अधिक हो रहा था, तब किसानों ने पॉपुलर के पेड़ों को काट कर उनकी बलियां बनाई, जिन्हें नदी में उतर कर नीचे लगाया जाना था, परंतु श्रमिक इससे घबरा गए, इस पर किसान खुद 20 फीट गहराई में उतरे और तटबंधों पर कट्टे लगाए। उधर, भूमि कटाव के कारण 13 तटबंधों में से दो स्पैनल पानी के बहाव में बह चुके हैं।
उधर प्रशासन का दावा है उन्होंने भूमि कटाव रोकने के लिए लाखों की संख्या में ईसी बैग लगाए हैं। इसमें गांव टापू कमालपुर में भूमि कटाव रोकने के लिए तटबंध पर 51,000 ईसी बैग, 3 जेसीबी मशीन, पोबारी में 15,400 ईसी बैग, 1 जेसीबी मशीन, उन्हेड़ी में 25,000 ईसी बैग, 1 जेसीबी मशीन, लापरा में 20,000 ईसी बैग, 1 जेसीबी मशीन, बीबीपुर में 10,000 ईसी बैग, 1 जेसीबी मशीन, बेलगढ में 4,000 ईसी बैग, 1 जेसीबी मशीन व 1 ट्रैक्टर ट्रॉली, लाकड़मय प्रतापपुर में 6,000 ईसी बैग, 1 जेसीबी मशीन व 1 ट्रैक्टर ट्रॉली, मंडौली घग्गड में 5,000 ईसी बैग, 1 जेसीबी मशीन, 1 ट्रैक्टर ट्रॉली, माली माजरा में 3,000 ईसी बैग, कलेसर में 1 जेसीबी मशीन, बंजारा बांस में 2,000 ईसी बैग, 1 जेसीबी मशीन, 2 ट्रैक्टर ट्रॉली व 1 पोकलेन, कोटड़ा काहन सिंह में 5,000 ईसी बैग, 1 जेसीबी मशीन व 2 ट्रैक्टर ट्रॉली लगाए गए। इसी प्रकार गुमथला राव में 31,173 ईसी बैग, 2 पोकलेन, 2 ट्रैक्टर ट्रॉली व 3 डंपर लगाए गए थे।