हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से बुधवार को यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। इसे देखते हुए हथिनीकुंड बैराज के सभी गेट खोल कर दिल्ली को अलर्ट किया गया है। अगले 72 घंटे में यह पानी दिल्ली पहुंच जाएगा, जिससे दिल्ली के निचले इलाकों में बाढ़ आ सकती है। साथ ही करनाल, पानीपत और सोनीपत के जिला प्रशासन को भी सावधानी बरतने को कहा गया है।
डीसी गिरीश अरोड़ा ने यमुनानगर जिले में यमुना से सटे इलाकों को खाली करने का निर्देश दिया है। साथ ही ग्रामीणों और किसानों को हिदायत दी है कि वे यमुना की तरफ जाने से बचें। वहीं, बुधवार को हरियाणा के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। पिछले 48 घंटों में करनाल में सर्वाधिक 169.4 एमएम बारिश हुई। वहीं हिसार में 104.4, गुरुग्राम में भी 104.4, अंबाला में 81.1, रोहतक में 54 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग के अनुसार 31 जुलाई तक प्रदेश में तेज बारिश के आसार हैं। गुरुवार को पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर और करनाल में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया। शेष जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
शाम को कम हुआ जलस्तर
हथिनीकुंड बैराज पर बुधवार सुबह 6 बजे जलस्तर 23,415 क्यूसेक था जो दोपहर एक बजे 1,59,753 क्यूसेक तक पहुंच गया। इस पर बैराज के सभी 18 गेट खोलकर दिल्ली की तरफ पानी भेजा गया। वहीं पश्चिमी यमुना नहर भी अपने उच्च स्तर पर पहुंच गई। इस कारण पूर्वी और पश्चिमी यमुना नहर को बंद कर दिया गया। शाम को सात बजे जलस्तर कम होकर एक लाख बीस हजार क्यूसेक रह गया। इससे अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
- 28 जुलाई तक औसत बारिश- 235.4 एमएम
- इस अवधि में सामान्य बारिश- 191.4 एमएम
- 58 दिन में कितने अधिक- 23 फीसदी
- मानसून सीजन में औसत बारिश- 438.6 एमएम