संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गांधी नगर अंडरपास से बनने के एक साल में पानी टपकने लगा है। अंडरपास में पानी रेलवे ट्रैक के ठीक नीचे टपक रहा है, इसलिए लोगों को अंडरपास कमजोर होने की आशंका है। वहीं रेलवे अफसर की मानें तो अंडरपास अलग-अलग सीमेंटेड ब्लॉक से तैयार है, जिनके बीच के ज्वाइंट से पानी टपकने से अंडरपास की मजबूती पर किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा।
स्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर (मालगाड़ियों के लिए अलग ट्रैक) के तहत रेलवे फाटक के रास्ते बंद कर अंडरपास व आरओबी बनाए जा रहे हैं। गांधीनगर रेल फाटक का रास्ता बंद कर उससे कुछ दूरी पर अंडरपास बनाया गया। इसका काम अक्तूबर-2021 में लगा और सितंबर-2023 में यह तैयार हुआ। तब से अंडरपास से वाहनों की आवाजाही चालू है।
अंडरपास में शुरुआत से ही जल निकासी व्यवस्था ठीक नहीं हैं। जब बारिश होती है, तब अंडरपास में जलभराव हो जाता है। पहले अंडरपास पर शेड नहीं थे, इसे जलभराव की वजह माना जा रहा था। शेड डालने के बाद भी बारिश होने पर अगल-बगल से अंडरपास में एक-दो फीट तक पानी भर रहा है।
ऐसा होने पर अंडरपास से वाहनों की आवाजाही बंद हो जाती है। वाहन चालक अंडरपास में जलभराव का अंदाजा न होने पर बारिश के पानी से निकलने का प्रयास करते हैं, जिसमें दोपहिया वाहन बीच में ही बंद हो जाते हैं। तब चालक अपने धकेल कर ले जाने पर मजबूर होते हैं।
बारिश के बाद वीरवार को अंडरपास से पानी टपकने लगा। इस पर कई लोगों ने मोबाइल फोन से फोटो व वीडियो भी बनाया। हरियाबांस निवासी शुभम, बूड़िया निवासी ललित ने कहा कि अंडरपास में अभी तक जलभराव की परेशानी से दो चार हो रहे थे।अब अंडरपास से पानी टपकता देखकर हैरान हैं। क्योंकि सालभर पहले ही अंडरपास बनकर तैयार हुआ है। अंडरपास का निर्माण सही है या नहीं, यहां मानक मुताबिक निर्माण सामग्री प्रयोग में लाई गई या नहीं, इसकी जांच होनी चाहिए।
अंडरपास की मजबूती पर नहीं कोई असर : पंकज गुप्ता
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के अंबाला से चीफ जनरल मैनेजर पंकज गुप्ता ने बताया कि अंडरपास सीमेंटेड ब्लॉक से तैयार हैं, जिनके बीच ज्वाइंट होते हैं। जहां से पानी टपकने से अंडरपास की मजबूती पर किसी तरह का असर नहीं पड़ता। किंतु अगर ब्लॉक के बीच ज्वाइंट से पानी टपक रहा है तो संबंधित अफसरों को सूचित करेंगे। ब्लॉक के बीच के ज्वाइंट सील करने के निर्देश देंगे।