संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगरपालिकाओं व नगर परिषदों को अपने स्तर पर ही फॉगिंग के लिए दवा और मशीनें खरीदनी होंगी। इसके लिए मुख्य सचिव की तरफ से शहरी एवं स्थानीय निकाय विभाग को पांच करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। विभाग ने सभी निकायों को फॉगिंग के लिए मशीनें व दवा की डिमांग देने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
नगर निगमों, नगरपालिकाओं व नगर परिषदों के पास फॉगिंग के लिए मशीनों संख्या में बहुत कम है। जब डेंगू व मलेरिया फैलता है तो हर बार मशीनें कम होने या फिर दवा न मिलने की बात कही जाती है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है। शहर के सभी वार्डों में समय पर फॉगिंग नहीं हो पाती। यमुनानगर में हर बार ऐसा ही देखने को मिलता है।
लोग व पार्षद नगर निगम के कार्यालय में फॉगिंग के लिए चक्कर काटते रहते हैं, परंतु कोई उनकी सुनता तक नहीं। परंतु अब अधिकारी ऐसा कोई बहाना नहीं बना सकेंगे। क्योंकि अब प्रत्येक वार्ड के लिए एक हैंड ऑपरेट मशीन फॉगिंग के लिए खरीदी जाएगी।
इस मशीन को कर्मचारी अपने कंधे पर लटका कर प्रत्येक घर के अंदर फॉगिंग कर सकता है। प्रत्येक 10 वार्ड पर एक बड़ी मशीन खरीदी जाएगी। यह मशीन किसी वाहन पर रखी जाती है और फिर इसकी मदद से गलियों व सड़कों पर फॉगिंग की जाती है।
जिले में मिल चुके डेंगू के तीन केस
जिले में डेंगू व मलेरिया के साथ-साथ चिकनगुनिया दस्तक दे चुका है। अब तक जिले में डेंगू के तीन केस, मलेरिया का एक व चिकनगुनिया के दो केस सामने आ चुके हैं। अब मानसून चल रहा है। समय-समय पर बारिश भी हो रही है। ऐसे में बारिश के पानी में डेंगू व मलेरिया का मच्छर तेजी से पनपता है। डेंगू का लारवा साफ पानी व मलेरिया का लारवा गंदे पानी में पनपता है।
मुख्य सचिव ने शहरी एवं स्थानीय निकाय विभाग को पांच करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। अब सभी निकार्यों को खुद ही दवा खरीदनी होगी। साथ ही 10 वार्ड के लिए एक बड़ी मशीन व एक वार्ड के लिए एक हैंड ऑपरेट मशीन खरीदने को कहा गया है। ग्राम पंचायतों के पास भी अपना फंड है। पंचायतें भी अपने स्तर पर दवा व फॉगिंग मशीनें खरीद सकती हैं। - डॉ. सुशीला सैनी, जिला मलेरिया अधिकारी।