संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। अध्यापकों के तबादले के बाद जिले में कई प्राथमिक स्कूल खाली हो गए हैं। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावक असमंजस की स्थिति में है। परेशान अभिभावकों ने टिब्बी अराइयां के स्कूल में विरोध जाहिर किया। महिलाओं ने स्कूल के अंदर व बाहर जमकर नारेबाजी की।
शिक्षा विभाग द्वारा 2017 बैच के भर्ती हुए जेबीटी शिक्षकों के तबादले किए हैं। ब्लॉक छछरौली और प्रतापनगर के एक दर्जन से भी अधिक प्राथमिक स्कूल खाली हो चुके हैं। दाखिले के समय इस प्रकार से शिक्षकों के तबादले होने से प्राथमिक स्कूलों में दाखिले पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। शिक्षा विभाग में जिले में दाखिले में नौ प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है और इस वर्ष भी दाखिले के समय शिक्षकों के तबादले से सरकारी स्कूलों में दाखिले पर प्रतिकूल असर पड़ने वाला है।
इसका मुख्य कारण है प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों का न होना। जब प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक ही नहीं होंगे तो स्कूलों में दाखिले के लिए बच्चों से संपर्क नहीं किया जा सकता। ऐसे में प्राथमिक स्कूलों में बच्चों की संख्या कम होती नजर आ रही है। इस प्रकार कई विद्यालयों से शिक्षक ट्रांसफर हो गए और स्कूल खाली हो चुके है।
टिब्बी अराइयां में सभी अध्यापकों के तबादले के बाद खाली हुए स्कूल को लेकर ग्रामीणों में विरोध जताते हुए प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बताया कि यदि जल्द ही उनके स्कूल में अध्यापक नही आए तो वे सोमवार तक स्कूल का ताला जड़ देंगे। नोडल अधिकारी अशोक धीमान ने बताया कि सरकार की ट्रांसफर पॉलिसी के बाद क्लस्टर के कई स्कूल अध्यापक रहित हो चुके है। दाखिला प्रक्रिया के दौरान अध्यापकों का तबादला होने से स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए बचे हुए अध्यापकों को काफी जोर लगाना पड़ेगा।