गांव कैत के ग्रामीणों ने दो पक्षों में हुई मारपीट के बाद पुलिस पर एक तरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। वीरवार को दलित समाज के लोग कलानौर चौकी के बाहर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि चौकी प्रभारी ने उन्हें जातिसूचक शब्द कहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि जब तक चौकी प्रभारी पर एससी, एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज और उसकी ट्रांसफर नहीं की जाती, तब तक वे धरने से नहीं उठेंगे। मामले की सूचना पाते ही डीएसपी सुभाष चंद्र मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया।
गांव कैत निवासी पूर्व जिला परिषद सदस्य लाल सिंह ने बताया कि करीब एक माह पहले उनका गांव के ही लोगों के साथ कुछ समय पहले झगड़ा हो गया था। झगड़े में उनके पक्ष के लोगों को चोट लगी थी। पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि दूसरे पक्ष की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए उनके पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चौकी प्रभारी उन्हें बार-बार तंग करता है और बेवजह चौकी में बैठाकर रखता है। वीरवार को उन्हें फोन करके चौकी बुलाया गया था। आरोप है कि जब वह चौकी में आए तो प्रभारी ने उन्हें जातिसूचक शब्द कहे। उन्होंने आरोप लगाया कि चौकी प्रभारी व उनका हेड कांस्टेबल क्रॉस केस दर्ज करने की एवज में रुपये मांग रहे हैं। आरोपियों पर कार्रवाई न होने के विरोध में वीरवार को गांव की महिलाओं समेत काफी संख्या में ग्रामीण चौकी पहुंचे और धरने पर बैठ गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। मामले की सूचना पाकर उप पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र मौके पर पहुंचे और लोगों से बात की। इस दौरान ग्रामीणों ने उसने चौकी इंचार्ज पर केस दर्ज करने और उसका तबादला करने की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर लोग रोष स्वरूप चौकी के सामने धरने पर बैठ गए। देर शाम तक ग्रामीण पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते रहें, बाद में डीएसपी सुभाष चंद्र ने आश्वासन दिया कि जांच में आरोप सही मिलने पर चौकी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने जो आरोप लगाए हैं। उनकी जांच की जाएगी। जांच में यदि आरोप सही मिले तो चौकी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सुभाष चंद्र, डीएसपी