यमुनानगर। थाना शहर जगाधरी क्षेत्र के हुंडेवाला गांव में जिस जगह पर कुछ दिन पहले डा. भीम राव आंबेडकर की प्रतिमा लगाने पर विवाद हुआ था। बुधवार को जब प्रशासनिक अधिकारी यहां निशानदेही कराने पहुंचे तो ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन उनके पूर्वजों की है। इस दौरान ग्रामीणों ने जमीन पर पूर्वजों का हक जताते हुए प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन पुलिस ने ग्रामीणों का समझाकर निशानदेही करवा दी।
गुलाबगढ़ निवासी अजय कुमार ने पुलिस को बताया कि उन्होंने छह अप्रैल को गांव हुंडेवाला में 32 कनाल जमीन खरीदी थी। 23 मई को वह अपनी जमीन पर चाहरदीवारी करवाने पहुंचा तो ग्रामीणों ने उक्त जमीन को अपनी बताते हुए हंगामा कर दिया था। यहां तक की विरोध में डा. भीम राव आंबेडकर की प्रतिमा तक लाकर रखने की कोशिश की थी। आरोप है कि इसी विवाद को लेकर ग्रामीणों ने उस समेत अन्यों पर हमला कर दिया था। इस मामले में 20 से ज्यादा ग्रामीणों पर केस दर्ज किया गया था। बुधवार को प्रशासनिक अधिकारी व शहर थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ गांव हुंडेवाला में उनकी जमीन पर निशानदेही के लिए पहुंचे तो ग्रामीण एक बार फिर एकत्रित हो गए और हंगामा करने लगे। उसने ग्रामीणों का अपनी जमीन के कागज दिखाए। इसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों का समझाकर शांत किया।
उधर, ग्रामीण जगदीश ने बताया कि जिस जमीन को अजय अपनी बता कर कागज दिखा रहे है, यह सब दशकों से उनके पूर्वजों की है। यहां पर उनका शीतला माता की मंदिर है और बाबा आंबेडकर की प्रतिमा लगी है लेकिन अजय व उसके साथ अन्य इस जमीन को खुर्द-बुर्द करना चाहते हैं। यह जमीन उनके पूर्वजों की है। इस पर वह किसी का हक नहीं होने देंगे। शहर जगाधरी थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह राणा का कहना है कि उनके पास जमीन पर निशानदेही करवाने के आदेश आए थे। जिसके बाद वह पुलिस बल के साथ निशानदेही कराने गए। ग्रामीणों का समझाकर निशानदेही कराई गई। जिसकी रिपोर्ट आना बाकी है।