संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गांव मिल्ख सुखी के पास हुए सड़क हादसे में शाह कमेशपुर निवासी 43 वर्षीय रणजीत सिंह की मौत हो गई। इस हादसे के साथ ही उसके 19 वर्षीय बेटे जशन पुनिया और 15 वर्षीय बेटी मानवी के सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ गया। रणजीत की पत्नी अनीता देवी का वर्ष 2011 में निधन हो चुका था और तब से वह अकेले ही दोनों बच्चों की परवरिश कर रहा थे।
मृतक के बड़े भाई संजीव कुमार ने पुलिस को बताया कि दोनों भाई अपनी-अपनी बाइक से गांव पाबनी कलां अड्डा से लौट रहे थे। रणजीत आगे चल रहा था और संजीव पीछे था। गांव मिल्ख सुखी के जलघर के पास पीछे से सफेद ऑल्टो कार ने पहले संजीव की बाइक को ओवरटेक किया और फिर रणजीत की बाइक को पीछे से टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रणजीत की बाइक सड़क किनारे खड़े सफेदे के पेड़ों से जा टकराई। उसके सिर के पीछे गंभीर चोट लगी और वह मौके पर ही बेहोश हो गया। कार चालक कुछ देर रुकने के बाद भाग गया। परिजनों और राहगीरों ने एंबुलेंस की मदद से रणजीत को नागरिक अस्पताल जगाधरी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छप्पर थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि मृतक के भाई के बयान पर अज्ञात कार चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। चालक की तलाश की जा रही।
भाई की आंखों के सामने बिखर गया परिवार
भाई संजीव कुमार ने कभी नहीं सोचा था कि जिस छोटे भाई के साथ वह घर लौट रहा है, वही सफर उसकी जिंदगी का सबसे दर्दनाक पल बन जाएगा। पत्नी को वर्षों पहले खो चुके रणजीत ने बच्चों के लिए हर मुश्किल झेली, लेकिन अब उसके जाने से दोनों मासूम अनाथ हो गए। भाई की आंखों के सामने परिवार का सहारा हमेशा के लिए छिन गया, जिसकी टीस शायद जिंदगी भर नहीं मिटेगी।