संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में रेहड़ी-पटरी संचालकों को व्यवस्थित करने के लिए नगर निगम की ओर से बनाए गए वेंडिंग जोन खाली हैं। लाखों रुपये खर्च कर कई साल पहले तैयार किए गए इन वेंडिंग जोन मे एक भी रेहड़ी स्थायी रूप से शिफ्ट नहीं हो पाई हैं। हालत यह है कि शहर की प्रमुख सड़कें और बाजार रेहड़ियों के अतिक्रमण से घिरे हुए हैं।
सबसे ज्यादा अतिक्रमण नगर निगम कार्यालय के बाहर देखने को मिल रहा है। इसके अलावा स्टेशन चौक, पेपर मिल क्षेत्र, आईटीआई के सामने, सिविल अस्पताल, रेलवे स्टेशन, मीराबाई बाजार और बस स्टैंड के बाहर भी सड़क किनारे रेहड़ियों की लंबी कतारें लग रही हैं। इससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है और राहगीरों के साथ वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
लोगों का कहना है कि यदि रेहड़ियों को निर्धारित वेंडिंग जोन में शिफ्ट कर दिया जाए तो शहर को जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है। लेकिन निगम प्रशासन की कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित नजर आ रही है। एक ओर निगम अधिकारी दुकानदारों के पॉलिथीन और सफाई को लेकर चालान काट रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्य सड़कों पर लगे रेहड़ियों के अतिक्रमण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
वेंडिंग जोन की स्थिति भी बदहाल बनी हुई है। कई स्थानों पर शेड टूट चुके हैं, पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है और चारों ओर गंदगी फैली हुई है। रेहड़ी संचालकों का कहना है कि वहां न तो पीने के पानी की सुविधा है और न ही पर्याप्त बिजली व शौचालय की व्यवस्था। ऐसे में ग्राहक भी वहां नहीं पहुंचते, जिसके कारण वे मुख्य बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ही रेहड़ियां लगाने को मजबूर हैं।
हाल ही में मेयर सुमन बहमनी ने जगाधरी सेक्टर-17 स्थित मनोहर वेंडिंग जोन का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रेहड़ी विक्रेताओं की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को स्वच्छ पेयजल, बिजली कनेक्शन, शौचालयों की सफाई तथा डस्टबिन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुकेश कुमार, राहुल, सतनाम, शांति देवी, रामस्वरूप, खैरती लाल, शंकर, जयकिशन आदि का कहना है कि जब तक वेंडिंग जोन में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई जाएंगी और रेहड़ियों को व्यवस्थित रूप से वहां शिफ्ट नहीं किया जाएगा, तब तक शहर को जाम और अतिक्रमण की समस्या से राहत मिलना मुश्किल है।
सुनसान पड़ा सेक्टर-17 में बनाया गया वेंडिंग जोन। संवाद