संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बिजली निगम यूएचबीवीएन की कार्यप्रणाली पर सख्त टिप्पणी करते हुए किसान के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने शिकायतकर्ता को जमा कराई गई 30 हजार रुपये की राशि ब्याज सहित लौटाने और 11 हजार रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।
गांव कठवाला निवासी किसान जयपाल सिंह ने आयोग में शिकायत देकर बताया कि उन्होंने वर्ष 2019 में कृषि ट्यूबवेल बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। निगम की मांग पर उन्होंने 30 हजार रुपये की सहमति राशि भी जमा करवा दी, लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद उन्हें कनेक्शन नहीं मिला। बाद में आवश्यकता समाप्त होने पर उन्होंने एक अक्तूबर 2024 को राशि वापसी के लिए आवेदन किया, लेकिन कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ। सुनवाई के दौरान बिजली निगम ने कहा कि राशि वापसी का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा जा चुका है और मंजूरी मिलते ही भुगतान कर दिया जाएगा। हालांकि आयोग ने पाया कि जनवरी 2025 में पत्र भेजने के बाद भी निगम ने आठ माह तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। आयोग के अध्यक्ष राजबीर सिंह तथा सदस्य जसविंदर सिंह और सुमन राणा की पीठ ने निगम को 30 हजार रुपये 11 दिसंबर 2024 से 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने के निर्देश दिए। साथ ही मानसिक पीड़ा, उत्पीड़न और मुकदमेबाजी खर्च के लिए 11 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। 45 दिन में आदेश का पालन नहीं होने पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।