बिलासपुर। मानसून की पहली बारिश ने कस्बा में पानी निकासी की पोल खोल दी। कपालमोचन मार्ग, छछरौली मोड़, शिव चौक व जगाधरी स्टेट हाईवे पर पानी निकासी के लिए सड़क के दोनों ओर लाखों रुपये की लागत से बनाए गए नाले एक दूसरे से कनेक्ट न होने से जलभराव हो गया। नालों की समय रहते सही प्रकार से सफाई न होने के कारण पानी ओवरफ्लो होकर दुकानों में घुसता दिखा।
कस्बा के आंबेडकर नगर निवासी राजकुमार, अशोक कुमार व राजेश कुमार ने बताया कि कपालमोचन मार्ग पर पानी जमा होने से आंबेडकर भवन की चहारदीवारी गिर गई। दीवार के पास जो नाला बना है वह जाम है। निकासी न होने से पानी आगे नहीं जा सका। अधिकारियों की लापरवाही से यह दीवार टूटी है। इसलिए प्रशासन जल्द टूटी दीवार की मरम्मत कराए।
कस्बा के रोबिन अग्रवाल, सुनील त्यागी, करनैल सिंह का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। दो वर्ष पहले पीडब्ल्यूडी द्वारा बिलासपुर के मुख्य मार्गों के दोनों तरफ पानी निकासी को लेकर नालों का निर्माण करवाया गया था। इन नालों की देखरेख बीडीपीओ कार्यालय द्वारा कराई जानी थी। परंतु निर्माण से अब तक किसी ने भी नालों की सफाई नहीं कराई।
थोड़ी सी बारिश होने पर नालों से पानी कस्बा से बाहर होने की बजाय उल्टा दुकानों, प्लाटों व गलियों की ओर चला जाता है। कस्बा के छोटे बस स्टैंड, वीटा मिल्क प्लांट, अनाजमंडी के गेट नंबर दो, पुराने पेट्रोल पंप के समीप बनी कॉलोनी, सुंदर नगर, मुख्य बाजार में दो से तीन फीट जमा होने से राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पेट्रोल पंप के समीप बनी कॉलोनी में मेहर दास, अनिल राणा, राजेश कुमार, मनीष धीमान के घरों में पानी भरने से लोगों को किराये पर मोटर लाकर घरों से पानी निकालना पड़ा। सुंदर नगर निवासी, तोषी, रबीता, ममता, काजल, प्रीति, कोमल, वीना, जुबा ने बताया कि निकासी न होने से उनकी बस्ती में पानी भर गया।