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घंटों लाइन के बाद नहीं मिलती यूरिया, आज सचिवालय का करेंगे घेराव

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खाद वितरण केंद्र के बाद खड़े किसान। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। यूरिया खाद को लेकर जिला में भारी किल्लत चल रही है। हालात यह हो गए किसानों को यूरिया बैग लेने के लिए सुबह ही अग्रसेन चौक पर बने केंद्र पर पहुंचना पड़ रहा है। यहां घंटों लाइनों में लगने के बाद भी किसानों को यूरिया खाद नहीं मिल पा रही। इससे नाराज भारतीय किसान यूनियन ने 14 दिसंबर को जिला सचिवालय का घेराव करने की चेतावनी दी है।
कृषि विभाग के मुताबिक जिला में 53 हजार मीट्रिक टन यूरिया खाद की अक्टूबर से मार्च तक आवश्यकता होती है। पिछले दिनों 36 हजार मीट्रिक टन यूरिया खाद आ चुका था, मगर इस बार 30 हजार मीट्रिक टन ही यूरिया खाद ही उपलब्ध हो पा रही है। इसी अंतर के चलते यूरिया की किल्लत दूर नहीं हो पा रही। जिसके चलते किसानों को यूरिया खाद के लिए अब जगह-जगह भटकना पड़ रहा है। उधर यूरिया खाद की किल्लत को देखते हुए भारतीय किसान यूनियन ने 14 दिसंबर को जिला सचिवालय का घेराव करने की चेतावनी दी है। घेराव को लेकर आज किसान काफी संख्या में यहां पहुंचेंगे।
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खाद को लेने के लिए किसान अब अग्रसेन चौक पर पहुंच रहे हैं। यहां खाद आधार कार्ड के आधार पर दी जा रही है। अग्रसेन चौक पर बने खाद केंद्र पर सोमवार को भी काफी संख्या में किसान पहुंचे। मगर केंद्र का शटर बंद था। शटर खुलने तक किसानों को वहीं ठंड में खड़ा रहना पड़ा। इतना ही नहीं कईं किसान तो ऐसे थे जिनमें बुजुर्ग थे। जो थक कर केंद्र के सामने ही बैठ गए। तो कुछ ऐसे थे जो अपने-अपने वाहनों पर जाकर बैठ गए। हालांकि केंद्र कर्मचारियों के आने के बाद खाद बांटी गई। मगर कई किसान ऐसे रहे जिन्हें काफी इंतजार करने के बाद खाली हाथ ही लौटना पड़ा।
भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान संजू गुंदियाना ने कहा कि किसानों को फसल के लिए यूरिया खाद नहीं मिल पा रही है, इसके लिए सरकार जिम्मेवार है। खाद के लिए किसान सड़कों पर धक्के खा रहे हैं लेकिन सरकार किसानों की अनदेखी कर रही है। भारतीय किसान यूनियन मामले को लेकर मंगलवार 14 दिसंबर को जिला सचिवालय का घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर किसानों को यूरिया खाद उपलब्ध करवाने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को कोऑपरेटिव सोसाइटी व पैक्स केंद्रों पर यूरिया नहीं मिल पा रहा है।
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जिला में इस समय यूरिया खाद की किल्लत चल रही है। इसकी वजह पीछे से यूरिया खाद कम आना है। मगर एक सप्ताह के भीतर यह किल्लत दूर हो जाएगी। -जसविंद्र सिंह, उप कृषि निदेशक, कृषि विभाग।
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