संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। राधा स्वामी काॅलोनी स्थित श्री त्र्यंबकेश्वर शिव मंदिर में चल रही शिव अमृत कथा का समापन हो गया। कथा व्यास निखिल महाराज ने शिव अमृत कथा का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि मान्यता है कि भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से ही सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
निखिल महाराज ने द्वादश ज्योतिर्लिंग की कथा को विस्तार से सुनाया। उन्होंने कहा कि शिव अमृत कथा का श्रवण मानव के जीवन को कल्याण की ओर लेकर जाता है। देशभर में ज्योतिर्लिंगों के दर्शन और पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं। भगवान शिव के 12 विग्रहों को द्वादश ज्योतिर्लिंग कहा जाता है। भारतवर्ष में यह 12 ज्योतिर्लिंग अलग-अलग स्थानों पर स्थित हैं।
इनमें सर्वप्रथम श्री सोमनाथ का स्मरण किया जाता है। श्रावण माह में ज्योतिर्लिंगों के दर्शन और पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं। भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से ही सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। शिव पुराण के अनुसार जो व्यक्ति सुबह-शाम इन 12 ज्योतिर्लिंगों का नाम लेता है, उसके सात जन्मों का पाप मिट जाता है।
साथ ही वह जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्त हो जाता है और मोक्ष को प्राप्त करता है।कथा के समापन पर मंदिर में हवन किया गया, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने सुख समृद्धि के लिए आहुतियां डालीं। इस मौके पर भंडारे का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।