ग्रेंड फिनाइले की ट्रॉफी दिखाते हुये अपूर्वा
- फोटो : YAMUNA NAGAR
शहर के अंसल टाउन में रहने वाली अनू बाला को एक्टिंग का शौक रहा है। घरेलू कार्यों में व्यस्तता होने के बाद भी उसने अपनी प्रतिभा को दबने नहीं दिया। प्रतिभा को जिंदा रखने के लिए अपनी बेटी अपूर्वा को एक्टिंग सिखाई। वहीं बेटी ने भी प्रतिभा का ऐसा परिचय दिया कि सबको पछाड़ते हुए ट्रॉफी जीत ली। दरअसल, पंजाब के लुधियाना में किसमें कितना है दम का ग्रैंड फिनाले 12 जुलाई को आयोजित हुआ, जिसमें हरियाणा के अलावा दिल्ली, पंजाब, हिमाचल व एनसीआर के प्रतिभागियों ने भाग लिया था।
इस तरह से हुई एक्टिंग की शुरूआत : दरअसल, 10 साल की अपूर्वा जगाधरी के स्प्रिंग डेल्स पब्लिक की छठी कक्षा की छात्रा है। अपनी मां अनू बाला की तरह उसे भी एक्टिंग का शौक रहा। उसे बेटी को एक्टिंग करता देख अनू बाला ने उसे धीरे-धीरे एक्टिंग करना सिखाया। इसके बाद स्कूल में आयोजित हुए कई कार्यक्रमों में अपूर्वा ने भाग लिया। जिसमें वह हर बार विनर रही। पिता लखन सिंह सैनी बताते हैं। परशुराम पब्लिक स्कूल में डीडी पंजाबी की तरफ से किसमें कितना है दम का ऑडिशन हुआ था। जिसमें अपूर्वा ने पागल लड़की का किरदार निभाया, जिसमें वह सेलेक्ट हो गई। उसके बाद दूसरा व तीसरा राउंड कुरुक्षेत्र में हुआ। इसमें भी वह सेलेक्ट हो गई। इसके बाद 12 जुलाई को लुधियाना में ग्रैंड फिनाले ऑडिशन आयोजित हुआ। जिसमें अपूर्वा ने निर्भया कांड पर किरदार निभाकर अपनी प्रस्तुति दी जिसने सभी के दिलों को झकझोर कर रख दिया। इसी किरदार पर अपूर्वा ने ग्रेंड फिनाले की ट्रॉफी जीती साथ ही उसे 5100 रुपये का नगद इनाम भी दिया गया। लखन सिंह बताते हैं उनका छोटा बेटा गैविश ने भी इसी ऑडिशन में भाग लिया, वह भी इसमें रनअप चुना गया।