संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मॉडल टाउन स्थित आर्य समाज मंदिर में महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती का 138वां ऋषि निर्वाण दिवस, दीपावली पर्व एवं 69वां वार्षिक उत्सव मनाया गया। अंतिम दिन रविवार को महर्षि दयानंद सरस्वती को श्रद्धांजलि दी गई।
आर्य समाज मंदिर में चार से सात नवंबर को तक वार्षिक उत्सव व महर्षि दयानंद सरस्वती का निर्वाण दिवस मनाया जा रहा था। समारोह में दिल्ली से आर्य समाज के विद्वान आचार्य वेद प्रकाश श्रोत्रिय, पंचकूला से आचार्य नरेंद्र आहूजा विवेक, अमृतसर से संगीताचार्य पंडित दिनेश पथिक व पंचकूला से भजन उपदेशक अंजू आहूजा पहुंचे। शुभारंभ वेद मंत्रों से किया गया। यज्ञ ब्रह्मा पंडित राजकुमार शास्त्री पुरोहित रहे। एक ओर दोनों भजनोपदेशकों ने ईश्वर भक्ति, समाज सुधार, महर्षि महिमा एवं देश भक्ति के भजनों से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। वहीं दूसरी ओर दोनों विद्वानों ने सार गर्भित प्रवचनों से अमृत वर्षा कर सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया।
समारोह का विशेष सत्र स्त्री सम्मेलन रहा, जिसकी अध्यक्षता डॉ. नेहा बजाज ने की। मुख्यातिथि नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रुचि बंसल रहीं। इस दौरान उन्होंने स्वामी के नारी कल्याण के लिए किए कार्यों के बारे लोगों को बताया। स्त्री समाज की मंत्राणी साधना अग्रवाल ने कहा की महर्षि दयानंद नव जागरण के पुरोधा, नारी कल्याण व शिक्षा के प्रबल पोषक व उद्धारक थे। इसी के फल स्वरूप भारतीय नारी आज किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं है।
कार्यक्रम के बाद जल पान साधना एवं रवि अग्रवाल के परिवार ने करवाया। समारोह में प्रधान रमेश पाहुजा ने कहा कि स्वामी संसार के उन महापुरुषों में से थे, जिन्होंने समाज और देशहित के लिए ही भरसक प्रयास किया। उन्होंने कहा कि आर्य समाज मंडल की ओर से कोरोना बचाव के लिए टीकाकरण शिविर लगाए गए। शिविर यमुनानगर मंडल अध्यक्ष विभोर पहुजा के नेतृत्व में लगाए गए। यश वर्मा ने व्यवस्था संभाली।