संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। दिवाली से पहले ही एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) डराने लगा है, जो गत तीन दिन में सामान्य से दो से तीन गुना अधिक दर्ज हुआ है। इससे लोगों को आंखों में जलन से लेकर सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही है। दिवाली पर पटाखे जलाए जाने से भी वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका है।
गोबिंदपुरा में लगे वायु प्रदूषण मापक यंत्र के जरिए ऑनलाइन वेबसाइट पर दिखाए ब्यौरे के अनुसार मंगलवार को अधिकतम एक्यूआई 130 रहा। बुधवार को 100, वीरवार को 150, शुक्रवार को 130 तक रहा। एक्यूआई का सामान्य स्तर 50 तक माना जाता है, जिसमें वायु सांस लेने के लिए उपयुक्त मानी जाती है। इससे अधिक एक्यूआई पर वायु प्रदूषित होनी मानी जाती है।
इस तरह बढ़ रहे वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए गत वर्षों में दिवाली से पहले व बाद में दमकल गाड़ियों से सड़कों व आसपास पेड़ों पर पानी का छिड़काव कराया गया था। साथ ही निर्माणाधीन विकास कार्यों पर भी पानी छिड़काव हुआ, पर इस बार ऐसा नहीं हो रहा। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही से धूल के गुबार बन रहे हैं, इन धूल के कण सहित फैक्टरियों, ट्रैफिक के धुएं से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।
मास्क का करें प्रयोग
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राघव गुप्ता ने कहा कि आंखों में जलन के मरीज आ रहे हैं। इसकी वजह वायु प्रदूषण हो सकती है। इससे आंखों के बचाव में घर से निकलते समय चश्मा पहनना चाहिए। साथ ही साफ पानी से आंखों को धोना चाहिए। सर्जन डॉ. अनिल अग्रवाल ने कहा कि वायु में पीएम 2.5 व पीएम 10 के कण सांस से शरीर में चले जाते हैं, जो लंग्स को प्रभावित करते हैं। ऐसे में खासकर सांस के मरीज को मास्क का प्रयोग करना चाहिए।