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Yamuna Nagar News: गुरु की महिमा संग बताया अध्यात्म का मार्ग

Mon, 27 May 2024 02:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। हनुमान गेट स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान आश्रम में साप्ताहिक सत्संग हुआ। आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी मयंका भारती ने गुरु की महिमा का गुणगान किया। साथ ही श्रद्धालुओं को अध्यात्म मार्ग के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने कहा कि वे संत महापुरुष जो परमात्मा के ध्यान में सदा निमग्न रहते हैं और जिनका जीवन ही तप व साधना हो चुका है, वे चलते फिरते ऐसे जंगम तीर्थ हैं, जो जन कल्याण के लिए एक से दूसरे स्थान पर पहुंचकर कई आत्माओं का उद्धार करते हैं। जिस स्थान को ऐसी दिव्य विभूतियों के चरणों का स्पर्श प्राप्त होता है और जहां उनके तपोबल की दिव्य तरंगें प्रस्फुटित होती हैं, वह स्थान तीर्थ बन जाता है
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एक ब्रह्मनिष्ठ संत संपर्क में आने वाले साधारण जनमानस को भी देवतुल्य बनाने का सामर्थ्य रखते हैं। उनका निवास स्थान अति पावन है। ऐसा तीर्थ सृष्टि व त्रिलोक में पूजनीय होता है। चूंकि उस स्थान की दिव्य तरंगें मानव मन के विकारों को समाप्त कर मन को मंदिर बना देती हैं।
साध्वी ने कहा कि क बालक को शिक्षा ग्रहण के लिए विद्यालय जाना होता है, भोजन के लिए भोजनालय जाना होता है। इसी प्रकार अध्यात्म, भक्ति व ज्ञान के लिए गुरु दरबार जाना होगा। गुरु दरबार साधु संतों का निर्माण करने वाली एक ऐसी दिव्य टकसाल है, जहां कौआ प्रवृत्ति वाला मन परमहंस बन कर निकलता है और राक्षसी प्रवृति वाला व्यक्ति भी देवतुल्य हो जाता है।
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जब एक जीवात्मा चौरासी लाख योनियों में भटक कर थक जाती है और शाश्वत सुख व आनंद को प्राप्त करना चाहती है तो वह ब्रह्मनिष्ठ गुरु की शरणागत होती है। कई जन्मों के पुण्य संस्कार और प्रभु की कृपा से ही गुरु की शरण प्राप्त होती है। गुरु परमात्मा का वह साकार स्वरूप है जो शरण में आने वाले जीव पर दया करके उसे भव बंधन से मुक्त करता है। उन्होंने भजनों से गुरु महिमा का गुणगान किया।
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