यमुनानगर। शहर के आउटर में बने चारों डेयरी कांप्लेक्स में नगर निगम की ओर से थ्री पोंड सिस्टम बनाने की योजना है, जिससे चारों कांप्लेक्स में गलियों में बहते गोबर युक्त पानी का सही प्रबंध हो पाए। योजना सिरे चढ़ाने के लिए अफसर इस काम पर आने वाले खर्च का अनुमान तैयार कर रहे हैं। इस पर अनुमति लेने सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी कर ई-निविदा लगाई जाएगी।
थ्री पोंड सिस्टम के तहत तीन स्तरीय तालाब बनेंगे। इनमें पहले में गोबर इकट्ठा होगा और उसका पानी अन्य दो स्तर में पानी अलग हो जाएगा। यह पानी सिंचाई में उपयोग हो सकेगा। साथ ही खाद के तौर पर भी काम आ सकेगा। इसके अलावा गोबर बायोगैस कांप्रेस्ड गैस प्लांट में प्रयोग हो सकेगा, जिसकी परियोजना प्रक्रिया में है। संवाद
280 टन रोज निकलता गोबर
वर्ष-2004 से दड़वा, कैल, रायपुर व औरंगाबाद में करोड़ों रुपये खर्च कर कांप्लेक्स बनाए गए थे, जिससे रिहायशी क्षेत्रों में चल रही पशु दूध डेयरियों को शहर के बाहर शिफ्ट किया जा सके। वर्ष-2009-10 में चारों डेयरी कांप्लेक्स में डेयरी संचालकों को सस्ते रेट पर प्लाॅट अलाट हुए और वर्ष-2018 से डेयरियां शिफ्ट की जाने लगी। हालांकि अभी भी काफी डेयरियां शहर में ही चल रही हैं और कांप्लेक्स में अलॉट प्लॉट खाली सुनसान पड़े हैं। बावजूद इसके चारों डेयरी कांप्लेक्स से रोज करीब 280 टन गोबर निकलता है। इसके उठान का ठेका एजेंसी काे दिया जाता है, पर यह गलियों-नालियों में बहता नजर आता है। इससे गलियां-नालियां गाेबर से अट दिखती हैं। इसके समाधान के लिए नगर निगम की ओर से चारों कांप्लेक्स में थ्री-पोंड सिस्टम लगाने की योजना है।
किस कांप्लेक्स में कितने प्लॉट-
दड़वा - 262
कैल - 157
रायपुर - 123
औरंगाबाद - 109
वर्जन-
डेयरी कांप्लेक्स की समस्याओं के समाधान के लिए अलग-अलग योजनाएं हैं, जिन्हें जल्द सिरे चढ़ाया जाएगा।- सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम।