यमुनानगर। बिजली निगम में हुए करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े में एसआईटी ने अपनी जांच को आगे बढ़ा दिया है। फर्जी हस्ताक्षर की जांच के लिए एसडीओ को हस्ताक्षर लिए जा रहे हैं। तीन और एसडीओ ने थाने में पहुंचकर अपने हस्ताक्षरों का नमूना दिया। हस्ताक्षरों के नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। इसके साथ ही तीनों के कोर्ट में बयान भी दर्ज किए गए।
यमुनानगर में बिजली निगम में फर्जी बिल तैयार कर 12 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जीवाड़ा सामने आया था। एक्सईएन पवन नरूला ने शिकायत पर यमुनानगर सिटी थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की थी। जिसमें 16 एसडीओ और जेई के हस्ताक्षरों से बिल तैयार होने की बात सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने सभी की हस्ताक्षरों का मिलान करने की प्रक्रिया शुरू की थी। बुधवार को तीन एसडीओ हस्ताक्षर मिलान के लिए थाने पर पहुंचे। उन्होंने हस्ताक्षर मिलान के लिए नमूने दिए। पुलिस ने नमूने लेकर जांच को भेज दिए हैं। इसके साथ ही तीनों के कोर्ट में बयान भी दर्ज कराए गए हैं। अब तक इस प्रकरण में 13 एसडीओ के नमूने जांच के लिए जा चुके हैं। जबकि, तीन के अभी शेष हैं। एसआईटी में शामिल सब इंस्पेक्टर कुशलपाल ने बताया कि तीन एसडीओ जांच में शामिल हुए हैं। जो रह गए हैं उन्हें भी जल्द ही शामिल कराया जाएगा।
यह था मामला
बीती सात मई को एक्सईएन पवन नरूला ने सिटी यमुनानगर थाने में शिकायत दी थी। आरोप था कि वर्ष 2021-22 व 2022-23 के रिकार्ड की एसबी रोड लाइन ने डिवीजन के कार्यालय में फर्जी बिल जमा किए हैं। बिजली निगम ने आडिट कराया तो यह 12 करोड़ रुपये का गबन निकला। जांच के लिए एसआइटी का गठन किया गया। इस मामले में अब तक एक्सईएन कुलवंत सिंह, बिलिंग क्लर्क राजबीर सिंह लाइनमैन, बलवीर व फर्म के कर्मचारी संजीव, हेड क्लर्क कुंवर बहादुर सिंह, क्लर्क कम लाइनमैन अशोक कुमार और प्रवीण कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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